हिमाचल में कर्फ्यू जैसे हालात

शिमला  —हिमाचल में सूरज की किरणें आग उगल रही हैं। राज्य के मैदानी इलाके प्रचंड गर्मी के चलते भट्टी की तरह तपने लगे हैं। प्रदेश के सबसे गर्म जिला ऊना का पारा फिर 43 डिग्री से पार हो गया है। ऊना के साथ-साथ कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर व सुंदरनगर में भी झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। दिन के समय पड़ रही सूरज की किरणों से बचने के लिए लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। मौसम विभाग की मानें तो मैदानी इलाकों में दस जून तक मौसम साफ रहेगा। मैदानी इलाकों में 11 जून को प्रचंड गर्मी से राहत मिल सकती है, जबकि पहाड़ों पर 13 जून तक मौसम खराब रहेगा। इस दौरान एक-दो जगह गर्जन के साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने राज्य के मैदानी इलाकों के साथ मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 11 जून को फिर से तूफान चलने की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। हालांकि कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा व डलहौजी के अधिकतम तापमान में गुरुवार के मुकाबले हल्की गिरावट आई है। इन क्षेत्रों में अभी भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री के करीब चल रहा है। इसके अलावा शेष हिमाचल के तापमान में एक से छह डिग्री तक की बढ़ोतरी रिकार्ड की गई है। कल्पा व केलांग के तापमान में सबसे अधिक छह डिग्री का उछाल आया है। भुंतर व शिमला के तापमान में तीन, सुंदरनगर व सोलन में दो डिग्री तक तापमान चढ़ा है। राज्य के कुछ स्थानों में बारिश रिकार्ड की गई है। तीसा में सबसे अधिक 17 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा कल्पा में आठ, पूह में चार, राजगढ़ में तीन, कुफरी, सराहन और भुंतर में दो, सोलन व नाहन में एक मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है। बारिश से न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट आई है। बारिश के बाद राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक चल रहा है। मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने खबर की पुष्टि की है।

 

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