हिमाचल में बढ़ेगी सेब पैदावार

नीदरलैंड्स की तकनीक आएगी काम, मुख्यमंत्री ने हेग में मांगा निवेशकों का साथ

शिमला —हिमाचल में सेब की पैदावार बढ़ाने में नीदरलैंड्स की उच्च तकनीकी मददगार साबित हो सकती है। इसके लिए हिमाचल सरकार ने नीदरलैंड से मदद मांगी है। हिमाचल में निवेश के साथ सेब पैदावार को बढ़ाने में वहां के निवेशकों का सहयोग मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार एवं भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से नीदरलैंड्स के हेग में आयोजित दूसरे अंतरराष्ट्रीय ‘रोड-शो’ में हिमाचल के मजबूत पहलुओं, ध्यानपूर्वक बनाई गई नीतियों, उपयुक्त अवसरों एवं राज्य की निवेश को प्रोत्साहित करने की तत्परता के बारे में जानकारी दी। जयराम ठाकुर ने कहा कि नीदरलैंड विश्व में कृषि उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है और यह अपनी स्मार्ट लॉजिस्टिक्स, भंडारण एवं पैकिंग तकनीकों के लिए जाना जाता है, जिससे खाद्य पदार्थ अधिक समय तक ताजा रखे जा सकते हैं, जो कृषि में सहयोग को प्रमुख क्षेत्र बनाता है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यापार सहयोग से दोनों देशों को लाभ होगा और सरकार के खाद्य उत्पादन एवं किसानों की आय को दोगुना करने के प्रयासों को बल मिलेगा। पूरा विश्व जानता है कि नीदरलैंड के पास इसे संभव बनाने के लिए तकनीकें हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सेब के बागीचों के नवीकरण के लिए हर संभव बजट प्रावधान एवं अन्य कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन राज्य में नीदरलैंड की तरह सेब की पैदावार नहीं की जा रही है। नीदरलैंड में सेब के पेड़ों से हिमाचल के मुकाबले पांच गुना अधिक पैदावार है। उन्होंने स्कीइंग, ईको पर्यटन, स्की रिजॉर्ट विकास जैसे साहसिक पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं जताईं। उन्होंने कहा कि पर्यटन, आयुष, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, जल विद्युत, खाद्य तथा फल प्रसंस्करण इत्यादि जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति पर विशेष बल दिया जा रहा है।

कल पहुंचेगी टीम

नीदरलैंड्स गई हिमाचल की टीम का पहले शनिवार रात को वापसी का कार्यक्रम था। सूत्र बताते हैं कि अब यह लोग रविवार दोपहर बाद वहां से चलेंगे और सोमवार को नई दिल्ली पहुंचने के बाद फिर शिमला लौटेंगे।

पिछले साल भारत के साथ हुए 50 से ज्यादा समझौते

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नीदरलैंड के समकक्ष मार्क रूट्टे ने मई, 2018 में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी, स्मार्ट सिटी, साईबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा तथा वित्त क्षेत्र में 50 से अधिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए थे। पिछले वर्ष नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के भारत प्रवास के दौरान दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, जल, ऊर्जा तथा कृषि क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए अनेक नवीन कार्यक्रमों की शुरूआत हुई थी।

हिंदुस्तान में नीदरलैंड्स की 115 से ज्यादा कंपनियां कर रही काम

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नीदरलैंड्स के साथ व्यापार करने की इच्छुक है, क्योंकि डच की अर्थव्यवस्था खुले विचार की है और यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बहुत विश्वास रखती है। नीदरलैंड्स की शैल, यूनिलीवर आईएनजी, अपोलो, आईकेईए, फिलिप्स, एगॉन, हेनेकेन जैसी 115 से अधिक कंपनियां भारत में पहले से ही मौजूद हैं और देश नीदरलैंड की कम्पनियों के बीपीओ के लिए एक महत्त्वपूर्ण स्थान बन कर उभरा है।

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