हिमाचल में 22 से बरसात

बीते वर्ष के मुकाबले मानसून एक सप्ताह जल्द पहुंचने की संभावना, गर्मी से मिलेगी राहत

शिमला  – हिमाचल में मानसून इस साल बीते वर्ष के मुकाबले एक सप्ताह पहले दस्तक देगा। केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद हिमाचल में 22 जून तक मानसून के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बीते वर्ष हिमाचल में मानसून 28 जून को पहुंचा था। ऐसे में इस साल बीते वर्ष के मुकाबले एक सप्ताह पहले मानसून के दस्तक देने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार केरल में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। ऐसे में मानसून के हिमाचल में जल्द दस्तक देने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि बीते वर्ष केरल में मानसून ने 28 मई को दस्तक दी थी और हिमाचल तक 28 जून को पहुंचा था। हालांकि केरल में इस वर्ष मानसून 10 दिन देरी से पहुंचा है, लेकिन हिमाचल में इस देरी का असान नहीं होगा और यहां मानसून 22 जून तक पहुंचने की उम्मीद जताईर् जा रही है। हिमाचल प्रदेश में मानसून सामान्यतः 25 जून तक दस्तक दे देता है। वर्ष 2017 के दौरान भी मानसून सामान्य से एक सप्ताह देरी से पहुंचा था। 2018 के दौरान भी 28 जून तक मानसून हिमाचल पहुंचा था। ऐसे में इस बार हिमाचल प्रदेश में मानसून के सामान्य से पहले दस्तक देने की उम्मीद जताई जा रही है और मानसून के सक्रिय रहने का भी पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत प्रदेश के मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार से बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा। विभाग की मानें तो राज्य में 15 जून तक एक-दो स्थानों पर बारिश का क्रम जारी रहेगा। 11 व 12 जून को विभाग ने बारिश व तूफान चलने की चेतावनी भी जारी की है। केरल में मानसून के सक्रिय होने के चलते हिमाचल प्रदेश में जहां मानसून जल्द दस्तक देगा, वहीं इस मर्तबा प्री मानसून की बौछारें भी तपते हिमाचल को जल्द भिगो सकती हैं। मौसम विभाग केंद्र के अधिकारियों के मुताबिक केरल में मानसून सक्रिय हो गया है। इसके चलते हिमाचल में मानसून सामान्य से पहले पहुंचने की उम्मीदें जताई जा रही हैं। मानसून के जल्द आने से गर्मी की मार झेल रहे हिमाचल को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि खरीफ की फसल के लिए भी यह बारिश ठीक रहेगी।

प्रचंड गर्मी की मार झेल रहा हिमाचल

मौजूदा समय में हिमाचल में लोग प्रचंड गर्मी की मार झेल रहे हैं। राज्य के मैदानी इलाकों में लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है। मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के करीब चल रहा है। जनता प्रचंड गर्मी से बेहाल है। किसान-बागबानों का भी कड़ी धूप के चलते बुरा हाल है और फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। ऐसे में मानसून के जल्द दस्तक देने से प्रचंड गर्मी की मार झेल रहे लोगों को राहत लेकर आ सकती है।

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