होम बायर्स के लिए खुशखबरी, सभी रेरा को एक प्लैटफॉर्म पर लाने की तैयारी

घर खरीदने वालों की मुश्किलें अब और भी घटने वाली हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय देश के सभी रेरा को एक ही आईटी प्लैटफॉर्म पर लाने की तैयारी में लगा हुआ है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब सबको मकान मिलने का सपना तय समय सीमा से दो साल पहले पूरा होने वाला है। इस आईटी प्लैटफॉर्म पर घर खरीदने वाले, बिल्डर्स और रेग्युलेटर सब जानकारी ले सकेंगे। केंद्रीय शहरी विकास सचिव दुर्गाशंकर मिश्र के मुताबिक प्लैटफॉर्म बनाने का फंड सरकार की ओर से मुहैया कराया जाएगा और प्लैटफार्म रेरा तैयार कराएगा।

सारे प्रॉजेक्ट्स की जानकारी 
घर खरीदने से पहले लोगों को आसानी हो, इसके लिए पहले पूरे देश में रेरा के चार रीजनल प्लैटफॉर्म बनाए गए थे, लेकिन अब एक प्लैटफॉर्म बनाने की तैयारी चल रही है। मिश्र ने बताया कि इसके लिए दिल्ली रेरा की अगुवाई में एक कमिटी का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया है। मिश्र के मुताबिक, जितने भी प्रॉजेक्ट चल रहे हैं, उनकी जानकारी इस प्लैटफॉर्म पर होगी। इसमें यह भी जानकारी होगी कि वे रेरा में रजिस्टर्ड हैं या नहीं। इसमें यह भी बताया जाएगा कि किस राज्य के रेरा ने क्या फैसला दिया है और कौन से बिल्डर या प्रमोटर पर कार्रवाई हुई है। 

एक जगह मिलेंगे रेरा के फैसले 
अभी लोगों को पता नहीं चल पाता था कि उनके जैसी किसी समस्या के बारे में देश के किसी अन्य राज्य के रेग्युलेटर ने क्या फैसला दिया है। मिश्र ने बताया कि जब यह प्लेटफॉर्म बन जाएगा तो उसके बाद होम बायर्स इस प्लैटफॉर्म पर जाकर देख सकेंगे और उसका हवाला देकर रेग्युलेटर के सामने अपनी बात रख सकेंगे। इससे सभी राज्यों के रेरा को भी आसानी होगी। अभी देश के 36 राज्यों में से 30 राज्यों में रेरा लागू है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों में रेरा बनाने की दिशा में पहल चल रही है। केवल पश्चिम बंगाल इससे अलग है। 

दो साल पहले पूरा होगा PMAY का टारगेट 
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब सबको मकान मिलने का सपना तय समय सीमा से दो साल पहले ही पूरा होने वाला है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को इस योजना के चार साल होने पर सभी अधिकारियों को नया टारगेट दिया कि दिसंबर 2020 तक सबको मकान आवंटित कर दिए जाएंगे। 2020 की पहले तिमाही तक इन मकानों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। योजना के तहत 1 करोड़ मकान बनाए जाने हैं। 

बन चुके हैं 48 लाख मकान 
2015 में जब यह योजना शुरू हुई थी तो टारगेट 2022 रखा गया था। मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक 26 लाख मकान बनाए जा चुके हैं, जिनमें से 13 लाख मकान अलॉट हो चुके हैं। कुल 81 लाख मकान मंजूर हुए हैं। 48 लाख मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन मकानों के निर्माण पर 4 लाख 43 हजार करोड़ रुपये का निवेश होना है। 

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