होशियारपुर से हो रही चिट्टे की सप्लाई

गगरेट —सूबे के जिला ऊना के युवाओं को अपने मकड़जाल में फंसा कर मौत परोस रहे पंजाब में बैठे नशा माफिया की कमर तोड़ना स्थानीय पुलिस के लिए कड़ी चुनौती बन गया है। जिला की सीमा के साथ सटे पंजाब के होशियारपुर शहर की सड़क मार्ग से यहां से दूरी महज तीस किलोमीटर है। नशे के आदी हो चुके युवा आसानी से वहां पहुंच कर चिट्टा जैसा घातक नशा खरीद कर ला रहे हैं और इनमें से कई पुलिस के शिकंजे में फंस कर कानूनी प्रक्रिया का भी सामना कर रहे हैं। पुलिस भी सब जानती है, लेकिन नशा माफिया पर कड़ी चोट करने के लिए शायद एक सटीक सर्जीकल स्ट्राइक की जरूरत है। इसके लिए शायद पुलिस भी अभी तैयार नहीं दिख रही है। बुधवार को गगरेट पुलिस द्वारा 2.23 ग्राम चिट्टे की खेप के साथ पकड़ा गया आरोपी युवा भी मौत का यह सामान होशियारपुर से ही लेकर आया था। जबकि इससे पहले भी जो युवा चिट्टे की खेप के साथ पकड़े गए उन्होंने खुलासा किया था कि चिट्टे की खेप वे होशियारपुर में बैठे चिट्टा माफिया से ही खरीद कर लाते हैं। ऐसा भी नहीं पुलिस इससे अनभिज्ञ है लेकिन बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे शायद इसलिए ही पंजाब में बैठा चिट्टा माफिया आसानी से फन फैला रहा है। वहीं, जिला में पुलिस द्वारा बरती गई सख्ती के चलते जो युवा इस धंधे को अंजाम देते भी थे। उनमें से अधिकांश ने इस धंधे से हाथ पीछे खींच लिए है। इस धंधे को पर्दे के पीछे से चला रहे हैं, लेकिन अभी भी इस धंधे का एपी सेंटर होशियारपुर ही है। चिट्टे की गिरफ्त में आए एक युवक ने खुलासा किया है कि उपमंडल अंब के ही युवा रोजाना करीब एक लाख रुपए का चिट्टा होशियारपुर से खरीद रहे हैं। उधर, डीएसपी मनोज जम्वाल का कहना है कि जिला पुलिस अपने अधिकार क्षेत्र में मादक द्रव्य पदार्थों की खेप के साथ पकड़े जा रहे युवाओं के विरुद्ध कानून अनुरूप कार्रवाई कर रही है। हालांकि ऐसी सूचनाएं पंजाब पुलिस के साथ भी सांझी की जाती हैं और वहां कार्रवाई करना पंजाब पुलिस का अधिकार क्षेत्र है।

You might also like