12 लाख खर्चने के बाद भी एचआरटीसी पेरशान

देहरा गोपीपुर—बस स्टैंड देहरा में एक नया खुलासा हुआ है, जिसमें एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। अहम बात तो यह है कि परिवहन निगम की रोजाना 100 के करीब बसें बस स्टैंड में प्रवेश करती हैं और हर बस की 36 रुपए की पार्किंग पर्ची एक गाड़ी की नगर परिषद काटती है। इस हिसाब से 3600 रुपए दिन के तो महीनेे के एक लाख आठ हजार रुपए निगम के नगर परिषद के ठेकेदार की जेब में जाते हैं। गौर करने लायक बात तो यह है कि इस हिसाब से सालाना परिवहन निगम के 11 लाख 88 हजार रुपए निगम नप के ठेकेदार को दे रहा है। बस स्टैंड में अभी भी निगम की बसों को जगह नहीं मिल पा रही है। हर समय निजी बसें बस स्टैंड के काउंटरों पर घंटों कब्जा किए रहती हैं। वहीं एचआरटीसी का कई मर्तबा नगर परिषद को भवन रिपेरिंग और मूलभूत सुविधाओं के लिए लिखने के बाद भी भवन की रिपेयरिंग न करवाना नगर परिषद देहरा की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा करता है। यहां नगर परिषद की विडंबना तो देखो नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारियों का यह तर्क है कि निगम ने इस बारे में कोई पत्र नहीं लिखा है। कर्मचारियों का यह कहना है कि निगम की भवन की रिपेरिंग को लेकर मौखिक बात हुई है। जबकि इस बारे में जब परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी ध्यान सिंह का कहना है कि विभाग भवन की रिपेरिंग के लिए नगर परिषद को कई बार लिख चुका है।

नहीं उठाए कूड़ादान, बोले कहां रखेंगे

नगर परिषद के हालात ये हैं कि रेन शेल्टर के साथ कूड़ादान को लेकर खबर छपने के बाद भी नप ने कोई कड़ा संज्ञान नहीं लिया। इसके लिए निगम ने जब नगर परिषद के ईओ से बात की तो जवाब था कि इसे और कहां रखें। नगर परिषद के इस जवाब और लापरवाही से रेन शेल्टर में खड़े होनी वाली सवारियों के साथ स्टाफ  भी दुर्गंध में रहने को मजबूर हैं।

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