13 करोड़ से रोशन होंगे गरीबों के घर

अपने स्तर पर रोशनी योजना शुरू करेगी प्रदेश सरकार, 17 हजार कनेक्शन बांटेंगे

 शिमला —हिमाचल प्रदेश में गरीबों के घर 13 करोड़ रुपए की योजना से रोशन होंगे। करीब 17 हजार ऐसे गरीबों को बिजली बोर्ड ने चिन्हित किया है, जो अपने घर के लिए बिजली का कनेक्शन नहीं ले सकते। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट में उन गरीबों के घर रोशन करने के लिए रोशनी योजना बनाई थी, जहां अभी तक बिजली के कनेक्शन नहीं लग पाए हैं। कैबिनेट में इसकी मंजूरी मिलने के साथ ही बिजली बोर्ड अब काम भी शुरू कर देगा और 31 मार्च तक उसका यह टारगेट पूरा हो जाएगा। फील्ड अफसरों के पास उनके एरिया के चिन्हित लोगों की सूची है, जिस पर उन्हें काम करने को निर्देश दिए गए हैं। रोशनी योजना पर कुल 13 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च होगी। यह प्रारंभिक आकलन है, जिसमें 17 हजार लोगों को कनेक्शन दिए जाएंगे। कई जगह दूर से बिजली लाने की चुनौती बोर्ड के सामने रहेगी, क्योंकि इसमें ऐसे गरीब लोग भी हैं, जो झोंपड़ पट्टियों आदि में रहते हैं या किसी का कच्चा मकान है और ऐसी जगह हैं, जहां अभी तक बिजली का कोई कनेक्शन आसपास में नहीं है। इसलिए वहां एलटी लाइन पहुंचानी होगी और यह काम अहम रहेगा। प्रदेश में बिजली बोर्ड ने साढ़े 21 लाख लोगों को बिजली के कनेक्शन दे रखे हैं, जिनमें से 19 लाख के करीब घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि शेष कामर्शियल कनेक्शन हैं।

सर्वे जारी रखेगी सरकार

सौभाग्य योजना में भी पांच साल में यहां 12900 से ज्यादा बिजली के कनेक्शन एपीएल व बीपीएल परिवारों को दिए हैं। एपीएल को 500 रुपए, जबकि बीपीएल को मुफ्त में बिजली का कनेक्शन लगाया जाता था। रोशनी योजना के प्रारंभिक टारगेट के बाद अगले साल भी इसे चालू रखा जा सकता है। बिजली बोर्ड गरीब परिवारों को इसमें चिन्हित करने के लिए सर्वे का काम लगातार जारी रखेगी। बोर्ड के प्रबंध निदेशक ईं. जेपी कालटा के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की योजना में जिस आधार पर गरीब लोगों का चयन किया गया था, उसी बिनाह पर बोर्ड ने भी इन्हें चिन्हित किया है, जिनके घरों में बिजली के कनेक्शन नहीं हैं।

 

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