28 पेयजल योजनाओं का गिरा जलस्तर

नालागढ़—नालागढ़ उपमंडल में गर्मी के पूरी तरह से यौवन पर आने से पेयजल योजनाओं पर इसका व्यापक असर पड़ा है। आईपीएच नालागढ़ मंडल के तहत 176 पेयजल योजनाओं में से 75 फीसदी योजनाओं का 50 प्रतिशत भूमिगत जलस्तर गिर चुका है, जिसमें से अढ़ाई दर्जन पेयजल योजनाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। इनमें 0 से लेकर 75 फीसदी से अधिक का असर पड़ा है। आईपीएच नालागढ़ मंडल के तहत 0-25 में दो, 25 से 50 में चार, 50 से 75 में चार और 75 फीसदी से अधिक 18 योजनाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हंै और कई जगहों पर विभाग द्वारा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति करवाई जा रही है। विभाग के मुताबिक खड्डों व चश्मों पर आधारित पेयजल योजनाओं का जलस्तर गिरने से समस्या पेश आई है। जानकारी के अनुसार आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के तहत पेयजल आपूर्ति की योजनाओं पर प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के तहत आने वाले बीबीएन क्षेत्र की 28 योजनाएं प्रभावित हो चुकी हंै, जिसका भूमिगत जलस्तर 0 से लेकर 75 फीसदी से अधिक तक नीचे जा गिरा है। आईपीएच नालागढ़ के तहत 176 पेयजल योजनाओं में से 75 फीसदी से अधिक प्रभावित योजनाओं में खरोटा, गुरदासपुरा, जुमलापुर, पटटा ताल, पटटा-एक, बांध, श्रीप्रतापपुर, कथलोह तुझार, जोहड़जी, बैहली बौंटा, मित्तियां बैहली, मित्तियां ओल्ड, न्यू जग्गर, मामला तौंगड़ी, जागली, बणी, धरमाणा आदि शामिल हैं, जिनका भूमिगत जलस्तर गिर गया है। बता दें कि हर साल गर्मियों में औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में अत्यधिक गर्मी पड़ती है और जून माह में क्षेत्र का अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहंुच गया है। मैदानी व ग्रामीण क्षेत्रों में आईपीएच विभाग की लोगों को पेयजल आपूर्ति करता है और गर्मियां आने पर कई पेयजल योजनाएं सूख जाती है, जिससे लोगों में पानी को लेकर हाहाकार मच जाता है। भीषण गर्मियों में पेयजल संकट बना रहता है, लेकिन इस वर्ष मई माह तक तो सब ठीक था और मई माह के बीतने और जून माह की शुरूआत में ही गर्मी परवान चढ़ने लगी, जिससे अब पेयजल की दिक्कत होनी शुरू हो गई है। आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के एक्सईएन आरके खाबला ने कहा कि मंडल के तहत कुल 176 छोटी-बड़ी पेयजल योजनाएं हैं और इनमें से खड्डों व चश्मों पर आधारित करीब अढ़ाई दर्जन पेयजल योजनाओं पर 0 से 75 फीसदी से अधिक तक गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति मुहैया करवाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसी को भी पेयजल किल्लत से न जूझना पड़े।

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