32 दिनों में साढ़े चार लाख यात्री पहुंच चुके हैं केदार नाथ

रुद्रप्रयाग / देहरादून – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेादी की केदार नाथ यात्रा और यहां निर्माण कार्याें की सीधे समीक्षा करने एवं जिलाप्रशासन के सराहनीय प्रयासों से इस बार एक माह में रिकार्ड साढ़े चार लाख तीर्थयात्री केदार बाबा के दर्शन कर चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने को व्यापारी और मंदिर समिति शुभ संकेत मान रही है। केदार आपदा के बाद सरकार और शासन-प्रशासन का ध्यान केदारपुरी को संवारने में लगा रहा। यात्रियों की संख्या में इजाफा करने के लिए प्रशासनिक अधिकरियों द्वारा यहां लगातार संसांधनों को बढाने की रूचि विशेष रूचि के कारण यहां भारी संख्या में यात्री पहुंचने लगे है। 
वर्ष 2016 में 3 लाख 9 हजार 533 श्रद्धालु ही बाबा केदार के देर्शन किये थे। वर्ष 2017 में 4 लाख 71 हजार 235 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किये। इस दौरान जिलाधिकारी समस्याओं को दुरूस्त करने और केदार यात्रा को समझने के प्रयास के कारण वर्ष 2018 में 7 लाख 32 हजार 241 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किये। इस दौरान मंदिर समिति को पांच करोड़ से ज्यादा का लाभ अर्जित हुआ और हजारों बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को रोजगार के संसाधन उपलब्ध हुए। इस वर्ष जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की पहल पर गेंदे के फूल, चैलाई के लड्डू सहित दस स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल पड़ाव पर रोजगार दिया गया है। महिलाएं इन दुकानों में तीर्थयात्रियों को गढ़वाली भोजन का स्वाद चखा रही हैं। इसके अलावा चैलाई के लड्डू बनाने वाली महिलाओं एवं युवाओं को घर बैठे रोजगार मिला है, जबकि कृषकों के हाथों को भी मजबूती प्रदान हुई है। तीर्थयात्री चैलाई के लड्डू को बहुत पसंद कर रहे हैं। चैलाई के लड्डू को श्रद्धालु प्रसाद के रूप में उपयोग करने के साथ ही अपने साथ घर भी लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा से स्थानीय लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रयास किया गया है कि स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले और यहां का उत्पाद भी देश-विदेश के श्रद्धालुओं को परोसा जाय। केदारधाम में व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के भरपूर प्रयास किये जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की हरसंभव मदद के लिए सब नोडल अधिकारियों की संख्या को बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा यात्रा मार्ग के चप्पे पर अधिकारी तैनात हैं, जो तीर्थयात्रियों की मदद में जुटे हैं। 

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