43 साल बाद 19 जून को रिटायर होंगे एचपीयू से प्रो. वीसी

शिमला—हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से 19 जून को 43 साल नौकरी करने के बाद प्रोफेसर राजेंद्र सिंह चौहान सेवानिवृत्त हो जाएंगे। खास बात यह है कि राजेंद्र सिंह चौहान एचपीयू के पहले ऐसे अधिकारी होंगे, जो इतने लंबे समय से एचपीयू के विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों पर सेवाएं देने के बाद अब रिटायर हो रहे हैं। विश्वविद्यालय में राजेंद्र सिंह चौहान ऐसा फेस माना जाता है, जो सभी छात्र संगठनों के साथ तालमेल बैठाने में हमेशा सफल रहे हैं। 43 सालों का लंबा कार्यकाल होने की वजह से राजेंद्र सिंह चौहान विश्वविद्यालय की हर गतिविधि व होने वाली घटनाओं से वाकिफ रहते हैं। यही वजह है कि  प्रो. वीसी राजेंद्र सिंह चौहान के सुझाव के बिना किसी भी कार्य को फाइनल नहीं किया जाता है। ऐसे में अब साफ यह है कि इतने सालों बाद रिटायर हो रहे राजेंद्र सिंह चौहान के रिटायर होने से एचपीयू को बड़ा नुकसान होगा। बता दें कि इसके अलावा प्रति कुलपति की इस महीने होने जा रही सेवानिवृत्ति के बाद इस पद के लिए प्रदेश विश्वविद्यालय के चार-पांच शिक्षकों के नामों पर चर्चा गर्म है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र सिंह चौहान 19 जून को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। प्रोफेसर चौहान के सेवानिवृत्ति के बाद इस पद पर अगला प्रति कुलपति किसे बनाया जाएगा, फिलहाल यह निर्णय प्रदेश सरकार का होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रति कुलपति की दौड़ में प्रदेश विश्वविद्यालय के जिन शिक्षकों के नामों को लेकर चर्चा गर्म हैं इसमें डीन ऑफ स्टडीज प्रो. अरविंद कालिया, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेल्फेयर प्रो. कमलजीत, इक्डोल के निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया, विवि कैमिस्ट्री विभाग के  प्रोफेसर शशिकांत का नाम बताया जा रहा  है।

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