45 डिग्री तापमान में हांफी पेयजल योजनाएं

नालागढ़—नालागढ़ उपमंडल में गर्मी के रौद्र रूप धारण कर लेने के बाद अब पेयजल संकट गहराने लगा है। गर्मी बढ़ जाने से इसका असर आम जनजीवन पर पड़ने लगा है और क्षेत्र की पेयजल व सिंचाई योजनाओं का भूमिगत जलस्तर भी गिरने लगा है। आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के तहत 75 फीसदी योजनाओं का 50 प्रतिशत तक भूमिगत जलस्तर गिर गया है, जिससे लोगों को अब पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर अस्थायी तौर पर पेयजल किल्लत से निपटने की व्यवस्था की हुई है, लेकिन यदि क्षेत्र में बारिश नहीं हुई तो भूमिगत जलस्तर और नीचे चला जाएगा, जिससे आगामी दिनों में लोगों की समस्या में और इजाफा होगा। बारिशें हुई तो भूमिगत जलस्तर भी सुधर जाएगा। नालागढ़ उपमंडल के मित्तियां पंचायत में लोगों द्वारा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति करने की मांग तक कर दी गई है, जिस पर आईपीएच नालागढ़ मंडल द्वारा विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया है और मंजूरी मिलने के उपरांत यहां टैंकरों की व्यवस्था भी कर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार गर्मियों के भीष्ण रूप धारण करने के उपरांत अब भूमिगत जलस्तर पर इसका असर पड़ना शुरू हो गया है। आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के तहत आने वाले बीबीएन क्षेत्र की कई योजनाएं प्रभावित हो चुकी है। नतीजतन लोगों की समस्याएं भी बढ़नी शुरू हो गई है। बताया जाता है कि खडडों व चश्मों पर आधारित पेयजल योजनाओं का जलस्तर गिरने से समस्या पेश आई है। आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के तहत 160 पेयजल योजनाओं व 150 सिंचाई योजनाओं के द्वारा लोगों को पेयजल एवं सिंचाई के पानी की आपूर्ति मुहैया करवा रहा है और इन्हीं योजनाओं में से कई योजनाओं में समस्या पेश आने लगी है। आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के एक्सईएन आरके खाबला ने कहा कि गर्मी बढ़ने से 75 प्रतिशत योजनाओं का 50 फीसदी जलस्तर गिर गया है। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी ओर से पूरी तरह से प्रयासरत है और जहां अत्यधिक प्रभावित क्षेत्र होंगे वहां पर टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति मुहैया करवाने का प्रयास किया जाएगा और इसके लिए अभी मित्तियां पंचायत से डिमांड आई है, जिस पर उच्चाधिकारियों से पत्राचार कर लिया गया है।

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