अंब में जीएसटी से परेशान व्यापारी

दो वर्ष हो जाने पर भी दुकानदारों की समझ से परे जीएसटी की नियम प्रणाली

अंब –व्यापारियों से कर चोरी की मुक्ति के लिए लाए गए जीएसटी नियम प्रणाली को शुरू हुए पूरे दो वर्ष हो गए है, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार इसके फेरबदल में फंस कर व्यापारियों की मुसीबतें बढ़ाए हुए है। जीएसटी को लगे दो वर्ष हो चुके है, लेकिन अभी तक व्यापारी वर्ष 2017-2018 का लेखा जोखा प्रस्तुत करने के लिए सरकार की नीति को समझ नहीं पाए हैं। व्यापार मंडल अंब के प्रधान कुलदीप शर्मा, उपप्रधान अजय बिट्टू, राज कुमार, राजीव सूद, अनिल कुमार, कुलदीप सिंह, जनक सिंह आदि ने बताया की जीएसटी को शुरू हुए दो वर्ष हो चुके है, लेकिन सरकार अभी तक इसकी खामियों के बदलाब में उलझी हुई है। वर्ष 2017-18 की वार्षिक रिटर्न भरने के लिए पोर्टल में डाला गया फार्म 9ए व 9सी की कोई जानकारी न मिल पाने से व्यापारी तो दूर अकाउंट के जानकार व लेखाकार भी सारी प्रक्रिया को समझने के लिए इधर-उधर भटक रहे है। खरीद पर क्लेम होने वाला इनपुट टैक्स ऑटोपापुल्टेट होने के कारण व्यापारियों ने जो इनपुट हासिल किया है। उसका ऑटोपापुल्टेट पोर्टल 2ए से मिलान न हो पाने के कारण व्यापारियों को पैनल्टी होने का भय सता रहा है। दूसरी तरफ गलतियों को कैसे ठीक किया जाए इसके लिए विभाग की ओर से किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। उधर, सरकार द्वारा कंपोजिशन रिटर्न फार्म में बदलाव करने के चलते अभी तक उसे जीएसटी की साइड में नहीं डाले जाने पर व्यापारी अभी तक अपनी रिटर्न नहीं भर पाए हैं। जबकि इसकी फाइल करने की लास्ट तिथि 18 जुलाई है। अब यहां भी व्यापारी जुर्माना लगने से घबरा रहे है। आबकारी एवं कराधान के वरिष्ठ अधिकारी अनिल कुमार ने बताया की कंपोजिशन की रिटर्न जल्द पोर्टल में आ जाएगी। यदि किसी व्यापारी को कोई दिक्कत हो रही है तो वह उनकी सहायता ले सकता है।

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