अग्रसेन विवि में  सॉफ्टवेयर्स पर बांटी जानकारी

बीबीएन—महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय में पीसीजे स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्र्रीय कार्यशाला का सोमवार को विधिवत समापन हो गया। अनुसंधान कार्यविधि और सां ियकीय विश्लेषण विषय पर आयोजित राष्ट्र्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डा.) आरके गुप्ता ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर प्रोजेक्ट इंचार्ज सुरेश गुप्ता, रजिस्ट्रार डा. वी.के. वत्स व कार्यशाला के समन्वयक एवं पीसीजे स्कूल आफ मैनेजमेंट के निदेशक डा. विशाल कुमार उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के  50 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की। इस कार्यशाला में एसपीएसएस, मेटलैब, लेटेक्स, एटलस आदि विभिन्न सॉफटवेयर्स की जानकारी भी दी गई। इस दौरान अंनुसंधान विषय से संबंधित विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डा.) आरके गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उददेश्य शिक्षको, रिसचर्स और उद्योग जगत से जुडे लोगों, को शोध के नवीनतम उपागमों से अवगत कराना है। उन्होने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से हमें अनुसंधान में हो रही नवीनतम टेक्नॉलोजी के बारें में जानकारी एक दूसरें से साझी करने और सीखने को मिलती है। इसके साथ-साथ उन्होने शोध में नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। डा. गुप्ता ने कहा कि उन्हे इस बात की खुशी है कि इस विषय की गंभीरता के मददेनजर एक बहुत ही उपयोगी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। प्रोजेक्ट इंचार्ज  सुरेश गुप्ता ने शोधकर्ताओं के लिए इस प्रकार की कार्यशाला को बहुत उपयोगी बताया और कहा कि उन्हे इस बात की खुशी है कि इस विषय की गंभीरता के मद्देनजर एक बहुत ही उपयोगी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला के समन्वयक एवं पीसीजे स्कूल आफ मैनेजमेंट के निदेशक डा. विशाल कुमार ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला  शोधकर्ताओं के शोधकार्य व शिक्षा के समग्र गुणवत्ता के लिए अनिवार्य व व्याहावारिक है। रजिस्ट्रार डा. वी.के. वत्स ने अनुसंधान के महत्व व अनुसंधान की उचित समझ पर जोर देते हुए कहा कि अनुसंधान में पर्यवेक्षण पद्धति, उचित समय प्रबंधन, अनुसंधान की नैतिकता व ज्ञान की निरंतर खोज बहुत आवश्यक है। कार्यशाला की सचिव प्रोफेसर आरती महंेदरू ने कार्यशाला के प्रमुख बिंदूओं का सारांश दिया। प्रतिभागियो ने महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय का दौरा किया और विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों पर प्रशंसा जाहिर की। उन्होेने विश्वविद्यालय के तीव्र विकास की प्रशंसा करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय ने बहुत ही कम समय में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की है।

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