अनाथ आश्रम की दीवार फांद कर भाग गई बच्ची

 गरली में दिनदहाड़े वारदात से हड़कंप  करोड़ों के भवन में रह रहीं लड़कियों की सुरक्षा पर उठने लगे सवाल  सुबह हाजिरी के बाद स्टाफ को चकमा देकर चंपत   चारदीवारी की ऊंचाई कम होने से आर-पार करना आसान  पुलिस ने ऊना में घर से बरामद की लड़की

गरली –धरोहर गांव गरली के बाल बालिका अनाथ आश्रम से शनिवार को दिन दहाडे़ अचानक सरकारी भवन की दीवार फांद कर एक 14 वर्षीय लड़की रहस्मय परिस्थितियों से भाग गई। इससे यहां करोड़ों रुपए की लागत से बने उक्त सरकारी भवन मंे जीवनयापन कर रही तमाम बेसहारा लड़कियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। यहां तैनात कर्मचारी कितनी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी दे रहे है, इसका अंदाजा यहीं से साफ दिखता है।  वारदात के दौरान भवन के मेन गेट पर ताला लगा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद चारदीवारी को फांद कर भागना कर्मचारी की बहुत बड़ी चूक है ।  आश्रम मंे तैनात सुपरिंडेंटेड इशू डोगरा के अनुसार हर रोज की तरह शनिवार सूबह साढे सात बजे जब यहां मौजूद तमाम लड़कियो की एक रजिस्टर पर हाजिरी लगाई, तो वह यहीं आश्रम में मौजूद थीं, लेकिन उसके बाद हम अन्य लड़कियों को ऊपरी मंजिल मंे ले गए । इसी दौरान उक्त 14 वर्षीय लड़की हमे चकमा देकर भाग निकली। कर्मचारियों ने उक्त लडकी की जगह-जगह तालाश की, लेकिन कहीं भी उसका सुराग नहीं लगा। बाद में इसकी सूचना पुलिस थाना रक्कड़ को दी गई। मौके पर पहुंचे एडिशनल थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बाल बालिका अनाथ आश्रम का बारीकी से मुआयना करते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमंे गठित कर क्षेत्र भर भी तमाम गलियां छान मारींे। बाद में धर्मशाला से पहुंची टीम से लड़की को उसके घर ऊना से बरामद किया। बताया जा रहा है कि 15 जून को ही उक्त लड़की ऊना से यहां आई थी । मानसिक तौर से परेशाान उक्त लड़की की देखभाल के लिए यहां तैनात स्टाफ  रात-दिन सेवा मंे जुटा हुआ था, लेकिन अचानक कैसे भाग निकली यह तो पुलिस के लिए जांच का विषय है ।

तीन साल बाद भी दीवार ऊंची नहीं कर पाया महकमा

करोड़ों रुपए की लागत से बने इस भवन की चारदीवारी उक्त लड़कियों की सुरक्षा के हित मंे नहीं है । दीवार कई जगहों से इतनी छोटी है कि बाहर से कोई भी व्यक्ति आसानी से भवन के अंदर आ सकता है, जो कि विभागीय प्रशासन की बहुत बड़ी नाकामी है । हालांकि सूत्रों की बात मानें तो यहां तैनात मुलाजिम  संबंधित विभाग को कई बार इस चारदीवारी को ऊंची करने के लिए मांग उठा चुके है, लेकिन भवन बनने के तीन साल बाद भी महकमा चारदीवारी को ऊंची नहीं कर पाया । अगर आज चारदीवारी ऊंची होती तो  लड़की भागने मे कभी सफल नहीं हो पाती ।  डीएसपी ज्वालामुखी तिलक राज ने बताया कि गरली आश्रम से अचानक रहस्मय परिस्थितियों से भागने मंे सफल हुई लड़की को ढूंढने के लिए रक्कड़ पुलिस जगह-जगह तालाश मंे जुटी हुई है ।

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