अब गिराए जाएंगे असुरक्षित भवन

शहरी-नगर निकायों में जल्द होगा काम, सरकार ने डीसी से मांगी लिस्ट

 सोलन —प्रदेश के सभी शहरी व नगर निकायों में अनसेफ घोषित किए गए भवन अब गिरा दिए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों से असुरक्षित भवनों की सूची मांगी है। सरकार का यह आदेश हालांकि कुमारहट्टी में पंचायत क्षेत्र व निजी भूमि पर जमींदोज हुए बहुमंजिला भवन के हादसे के तुरंत बाद आया है, लेकिन सूचना सिर्फ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग क्षेत्र की ही मांगकर उसी पर कार्रवाई करने की योजना है। विडंबना यह है कि हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व में आने के बाद आज तक निजी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता व स्ट्रक्चर डिजाइन परखने के लिए सरकार के पास कोई भी मैकेनिज्म नहीं है। प्रदेश में मलबे के ढेरों पर व बेतरतीब गुणवत्ता रहित बहुमंजिला इमारतों का बेरोकटोक निर्माण हो रहा है, परंतु प्रदेश सरकार बिना किसी मैकेनिज्म व अधिकृत एजेंसी के इन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदेश में निजी निर्माण पर कोई भी एजेंसी या मैकेनिज्म न होने की बात को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने कुमारहट्टी प्रवास के दौरान स्वयं भी स्वीकार कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने शीघ्र ही इस दिशा में सकारात्मक पग उठाने की बात भी की थी। प्रदेश सरकार ने अब शहरी निकायों में असुरक्षित घोषित भवनों की सूची सभी उपायुक्तों से मांग कर इन्हें गिराने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। ये भवन गिराने या अन्य किसी प्रकार का निर्णय लेने का अधिकार जिलों के उपायुक्त को प्रदान कर दिया गया है। अब चर्चा यह है कि ग्रामीण व पंचायत क्षेत्रों में होने वाले निजी भूमि पर निर्माण कार्यों की परख करने के लिए प्रदेश सरकार कब खाका तैयार करेगी। सोलन के उपायुक्त केसी चमन ने कहा कि प्रदेश सरकार को अनसेफ भवनों की सूची भेजी जा रही है।

प्रदेश में इस वक्त 166 अनसेफ बिल्डिंग 

प्रदेश में इस समय 54 शहरी निकायों से 166 असुरक्षित भवनों की सूची बनकर तैयार है। इनमें सोलन में एक, राजगढ़ (सिरमौर) में एक, शिमला में 40, ऊना में 17, ठियोग में सात, बद्दी में आठ, हमीरपुर में एक, कांगड़ा जिला में दस, चंबा जिला में तीन, मंडी जिला में 20 तथा कोटखाई में तीन भवन शामिल हैं। सबसे अधिक सूची नयनादेवी से आई है, जहां 48 भवन असुरक्षित घोषित किए गए हैं।

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