इटरनल यूनिवर्सिटी को मिला बड़ा प्रोजेक्ट

राजगढ़—इटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब को हिमाचल प्रदेश सरकार की तरफ  से एक कौशल विकास परियोजना प्राप्त हुई है। 4.5 करोड़ रुपए की इस कौशल विकास परियोजना में  प्रदेश के कुल आठ सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संस्थानों में इटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब को भी  चुना गया है। हालांकि यह परियोजना भारत सरकार की है, लेकिन हिमाचल में सरकार के उपक्रम, हिमकॉस्टी की देखरेख में चलेगी। इस स्वीकृत परियोजना का मुख्य उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 12वीं व स्नातक विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के उपकरणों और तकनीकों का गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण प्रदान करना है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग डीबीटी ने जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षित युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने व गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कौशल विज्ञान कार्यक्रम शुरू किया है। हिमाचल प्रदेश देश में यह कार्यक्रम लागू करने वाले छह राज्यों में शामिल है। अन्य राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, उड़ीसा, पंजाब और उत्तराखंड को इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए चुना गया है। हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद के प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल प्रदेश पहले चरण में इस प्रतिष्ठित परियोजना को हासिल करने में सफल रहा है। संबंधित मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों को लागू करने के लिए परिषद केंद्र सरकार व राज्य सरकार के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही है। राज्य में शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान व विकास संगठनों और गैर सरकारी संगठनों, एनजीओ के सक्रिय सहयोग के माध्यम से विभिन्न कार्यों को लागू करने में परिषद का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। संबंद्ध संस्थानों में प्रयोगशाला तकनीशियन, सहायक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी वर्ष में दो बार आयोजित किए जाएंगे। हिमालयन कौशल विकास केंद्र सिरमौर में उत्पादन, मशीन आपरेटर प्रशिक्षण कोर्स भी चलाया जाएगा और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए छात्रों को राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के आधार पर चुना जाएगा। अपनी योग्यता और रुचि के आधार पर आवेदक अपनी पसंद के अनुसार आवेदन में संस्थान का चुनाव कर सकते हैं। इन कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। बड़ू साहिब में इस कार्यक्रम के समन्वयक, एसोसिएट प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष सूक्ष्म जीव विज्ञान डा. नसीब सिंह होंगे, जबकि बीएस बोपारा, कार्यक्रम की जरूरी निगरानी में होंगे। इटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब के वाइस चांसलर डा. एचएस धालीवाल ने कहा कि सरकार द्वारा ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर चलाते रहने चाहिए, ताकि आम जनता इन कार्यक्रमों से लाभान्वित हो।

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