इस बार सबसे देर तक चलेगा चंद्रग्रहण

ज्योतिषी विपन शर्मा बोले; कल मध्य रात्रि डेढ़ बजे से शुरू होगा ग्रहण, तीन घंटे तक रहेगा प्रभाव

जवाली-16-17 जुलाई की मध्य रात्रि को घटित होने वाला चंद्रग्रहण पूर्ण चंद्रग्रहण है तथा 21वीं सदी का सबसे देर तक चलने वाला चंद्रग्रहण है। सामान्यतः ग्रहण एक या डेढ़ घंटे का होता है, परंतु यह चंद्रग्रहण तीन घंटे तक रहेगा। खगोलविद के अनुसार इतना लंबा चंद्रग्रहण इसके बाद सदी के अंत तक दिखाई नहीं देगा। इस बार जिस दिन ग्रहण है, उस दिन गुरु पूर्णिमा भी है, इस कारण इस चंद्रग्रहण का विशेष महत्त्व होगा। कांगड़ा जिला के जवाली के ज्योतिष पंडित विपन शर्मा ने बताया कि भारत में चंद्रग्रहण की शुरुआत 16 जुलाई की रात्रि के 1ः31 बजे से होगी तथा ग्रहण की समाप्ति 4ः30 बजे पर होगी। इस प्रकार चंद्रग्रहण की कुल अवधि 2ः59 बजे होगी। इस ग्रहण को संपूर्ण भारतवर्ष के अलावा विदेशों में भी देखा जा सकेगा। किसी भी ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतककाल प्रारंभ हो जाता है। सूतक का समय 4ः30 बजे संध्या से प्रारंभ होगा। सूतककाल में गर्भवती महिलाएं ज्यादा देर तक न सोएं और न ही ज्यादा देर तक बैठना चाहिए। धार्मिक पुस्तक पढ़ना चाहिए। ग्रहण के समय हमें स्वयं के कल्याणकारी इच्छाओं के पूर्ति हेतु स्नान, ध्यान, दान, मंत्र, श्रोत-पाठ, मंत्रसिद्धि, तीर्थ स्नान, हवन-कीर्तन इत्यादि कार्यो का संपादन करना चाहिए। ग्रहण के समय भोजन नहीं करना चाहिए। हां ग्रहण या सूतक से पहले ही यदि सभी भोज्य पदार्थ यानी दूध, दही, चटनी, आचार आदि में कुश या तुलसी का पत्ता रख देते हैं, तो यह भोजन दूषित नहीं होता है और आप पुनः इसको उपयोग में ला सकते हैं। वहीं 16-17 जुलाई को सुबह सूर्यादयकाल में स्नान करके संकल्पपूर्वक अपने सामर्थ्य के अनुसार योग्य ब्राह्मण को दान देना चाहिए।

ग्रहणकाल में ये काम हरगिज न करें

सूतक व ग्रहणकाल में झूठ, कपट, डिंग हांकना आदि से परहेज करना चाहिए, मन तथा बुद्धि पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचने के लिए जप, ध्यानादि करना चाहिए, व्यक्ति को मूर्ति स्पर्श, नाखून काटना, बाल काटना, निद्रा मैथुन आदि कार्य नहीं करना चाहिए, स्त्री प्रसंग से नर-नारी दोनों को बचना चाहिए। ग्रहणकाल में मन, वचन तथा कर्म से सावधान रहना चाहिए।

जानें, किस राशि पर क्या प्रभाव

मेष राशि : चंद्रग्रहण का बुरा असर मेष राशि वाले लोगों पर पड़ सकता है। तनाव के कारण आपका स्वास्थ्य खराब होने की संभावना है। गुड़ और मसूर की दाल दान करें।

वृष राशि : यदि अतीत में आपकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रही हैं, तो वे फिर से उभर कर आ सकती हैं। श्री सूक्त का पाठ करें।

मिथुन राशिः मिथुन राशि के लोगों की मानसिक स्थिरता भंग हो सकती है।कोई ठोस परिणाम

प्राप्त करने में असफल रहेंगे। इस दिन गाय को घास खिलाएं।

कर्क राशिः कर्क राशि के लिए यह शुभ रहने वाला है। आपके पारिवारिक व व्यक्तिगत संबंधों पर अपना असर डाल सकती है। भगवान शिव की पूजा करें।

सिंह राशिः परिवार और व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ जीवन की शांति भी भंग हो जाएगी। गायत्री मंत्र के 21 माला का जाप करें।

कन्या राशिः अगर आप किसी प्रकार के त्वरित समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, तो वैसा संभव होने के आसार नहीं लगते। किन्नर को हरे रंग की चूडि़यां दान करें।

तुला राशिः धन की आवक बढ़ेगी, लेकिन अनियोजित खर्च की वजह से पैसा जा भी सकता है। इसके उपाय के लिए श्री सूक्त के 11 पाठ जरूर करें।

वृश्चिक राशिः कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवहार कुशल होने की जरूरत होगी। हनुमान जी की आराधना करें।

धनु राशिः परिवार में बड़ों के साथ अपने संबंधों की वजह से या फिर अपनी स्थिति से असंतुष्ट रहेंगे। स्वास्थ्य खराब होने पर इलाज में खर्च हो सकता है। विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ जरूर करें।

मकर राशिः आपके परिवार और बच्चों के बीच उग्र तर्क हो सकता है। आप अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने में भी असफल रहेंगे। सुंदरकांड का पाठ करें।

कुंभ राशिः आपकी सेहत को कुछ नुकसान पहुंच सकता है। हनुमान चालीसा का पाठ करें।

मीन राशिः आपको अपने परिजनों और प्रियजनों

का अच्छा सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति अप्रत्याशित लाभ की संभावना है। विष्णु भगवान की पूजा जरूर करें।

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