एक महिला सहित 13 जवानों की जिंदगी ले गया इमारत का मलबा

24 घंटे तक चले रेस्क्यू आपरेशन में एनडीआरएफ ने मौत से कुल 28 जिंदगियां बचाईं

सोलन -सोलन जिला के कुमारहट्टी-नाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को ध्वस्त हुई चार मंजिला इमारतके मलबे के नीचे दबकर मरने वालों की संख्या 14 हो गई है। मृतकों में फोर्थ असम रायफल्स के 13 जवान और एक महिला शामिल है। बचाव कार्य पूरे चौबीस घंटे तक चला तथा सोमवार चार बजे तक मलबे में दबे सभी 42 लोगों को निकाल लिया गया। हादसे में कुल 14 मौतें हुई हैं तथा सेना व प्रशासन की मुस्तैदी से 28 लोगों की बेशकीमती जान बचा ली गई है। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि फिलहाल पुलिस के जवान व लोकनिर्माण विभाग के मजदूर मौके पर मलबा हटाने में जुटे रहेंगे। गौर हो कि रविवार दोपहर बाद शाम तीन बजकर 30 मिनट पर कुमारहट्टी से करीब 500 मीटर की दूरी पर रूंदनघोरों स्थान पर एक चार बहुमंजिला इमारत जमींदोज हुई तो उसमें कुल 42 लोग बैठे थे। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई गई जानकारी के मुताबिक कुल 42 लोगों में से डगशाई छावनी क्षेत्र की असम रायफल्स के 30 सैनिक व 12 अन्य आम नागरिक शामिल थे। दरअसल इस भवन की तीसरी मंजिल पर सहज तंदूरी नाम से एक ढाबे का संचालन किया जा रहा था। डगशाई से पिकनिक मनाने गए भारतीय सेना के 30 जवान इस ढाबे में खाना-पान के लिए रुके। इसमें से ज्यादतर सैनिक नायब सूबेदार व सूबेदार रैंक के थे। अभी वे लोग भोजन चख भी नहीं पाए थे कि एक बड़े धमाके की आवाज के बाद पूरा चार मंजिला भवन गिर गया। बड़ी संख्या में सैनिकों के मलबे के नीचे दबने की खबर जिला प्रशासन, आर्मी हैडक्वार्टर व सचिवालय तक चंद ही मिनटों में पहुंच गई तथा बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। सबसे पहला शव एक महिला का निकाला गया। अर्चना नाम कीयह महिला इस भवन के मालिक की पत्नि थी। बाद में सेना ने मोर्चा संभाल लिया तथा करीब दो घंटे के बाद पंचकूला, पानीपत से एनडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। रविवार देर रात 11 बजे तक पांच शवों को निकालने के साथ-साथ 16 घायल व्यक्तियों को निकाला जा चुका था। बचाव ऑपरेशन पूरी रात लगातार चलता रहा। सोमवार सुबह करीब आठ बजे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डा. राजीव  सहजल, सांसद सुरेश कश्यप, मंत्री वीरेंद्र कंवर घटनास्थल पर पहुंचे तथा चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने इस हादसे की न्यायिक जांच के आदेश भी जारी कर दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पूरे प्रशासनिक अमले को मौके पर भेजने के साथ-साथ एक हेलिकाप्टर को भी सेवा में लगा दिया गया था। मुख्यमंत्री इसके पश्चात महर्षि मार्कंडेश्वर व धर्मपुर सामुदायिक अस्पताल भी गए तथा वहां जाकर घायलों का कुशलक्षेम पूछा।

एसडीएम सोलन करेंगे जांच

इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच बिठाने के साथ-साथ भवन मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 336 व  304 ए के तहत धर्मपुर थाने मे प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट जांच का जिम्मा एसडीएम सोलन को सौंपा गया है। एसडीएम 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देंगे।

हादसे का शिकार

सूबेदार बलविंद्र सिंह, नायब सूबेदार राज किशोर सिंह, अर्चना पत्नी बलबीर सिंह(साहिल) निवासी रूंदनघोरों (सोलन), नायब सूबेदार विनोद कुमार, सूबेदार अजीत कुमार, सूबेदार मेजर प्रदीप चंद, सूबेदार योगेश कुमार, सूबेदार बिशर सिंह, सूबेदार हेम कुमांग, नायब सूबेदार नवीन चंद्रा, सूबेदार कुमार चोराई, सूबेदार सुरजीत शर्मा, सूबेदार राजन बहादुर, सूबेदार लालसन वाजफे

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