एचपीयू के घणाहट्टी कैंपस का काम सितंबर में होगा शुरू

शिमला—लंबे समय के बाद अब एचपीयू के नए कैंपस को लेकर एक अच्छी खबर मिली है। सरकार ने घणाहट्टी में बनने वाले कैंपस में जो भी बाधाएं आ रही हैं, उसे जल्द दूर करने के निर्देष दिए हैं। जानकारी मिली है कि सिंबतर माह तक नए कैंपस का कार्य शुरू भी कर दिया जाएगा। सरकार ने एचपीयू को आश्वस्त करते हुए कहा है कि नए कैंपस के निर्माण कार्य में जो भी बाधाएं आ रही हैं, उसे लोक निर्माण व वन विभाग के साथ मिलकर दूर किया जाए। वहीं, अगर फिर भी कोई समाधान नहीं निकल रहा है, तो ऐसे में सरकार को प्रोपोजल भेजकर इस मसले पर कुछ और रास्ता निकालने को कहा गया है। गौर हो कि घणाहट्टी में एचपीयू के बनने वाले नए कैंपस का कार्य पांच से छह सालों से चला हुआ है। हैरत यह है कि इतने वर्षों से चल रहे नए कैंपस की एनओसी भी एचपीयू वन विभाग से नहीं ले पाया है। ऐसे में कहा जा रहा है कि सरकार के आदेशों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी विकास कार्यों की शुरूआत दूसरी बार करनी होगी। एनओसी से लेकर घणाहट्टी में एचपीयू की कितनी जमीन है, इन सब पर दुबारा कार्य करना होगा। दरअसल राजधानी के घणाहट्टी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के दूसरे परिसर पर वन विभाग ने अड़ंगा डाला है। वन विभाग की एनओसी के बिना करीब 200 बीघा भूमि विवि के नाम अभी तक नहीं हो पाई है। नए कैंपस को लेकर जब तक एनओसी नहीं मिलेगी, विवि प्रशासन भूमि पर कार्य आरंभ ही नहीं करवा सकता है। हालांकि जिला प्रशासन ने भूमि का ततीमा काट दिया है। इसके साथ ही अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद ही जिला प्रशासन ने सारी औपचारिकताएं पूरी की हंै, लेकिन विवि के लिए एनओसी लेना टेड़ी खीर से कम नहीं है। वन विभाग तभी एनओसी जारी कर सकता है, जब भूमि पर निर्मित किए जाने वाले प्रोजेक्ट की रिपोर्ट बन सके। सूत्रों की मानें तो अभी तक विवि प्रशासन ने कोई प्रोजेक्ट ही तैयार नहीं किया है। जब तक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार नहीं होगा विवि प्रशासन वन विभाग की एनओसी के लिए आवेदन नहीं कर सकता है। हालांकि अभी तक अधिकारिक तौर पर विवि प्रशासन को एनओसी के बारे में अधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र प्राप्त होने के बाद ही प्रशासन दूसरी बार यह प्रकिया शुरू करेगा। विवि प्रशासन ने प्रोजेक्ट को पहले से तैयार नहीं किया था, इस वजह से ही अभी तक नए कैंपस को लेकर केवल बड़ी-बड़ी बातें ही की गईं। बता दें कि नए कैंपस के कार्य में हुई इस ढील पर पूर्व एचपीयू प्रशासन की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठते हैं। अगर विवि प्रशासन पिछले साल ही प्रोजेक्ट बना लेता, तो शायद एनओसी में हो रही यह देरी नहीं होती।

नए कैंपस में होंगे ये विभाग

घणाहट्टी के नए कैंपस में एमसीए, बीएलएलबी, बीसीए आदि कोर्स की कक्षाएं चलेंगी। इसके अलावा होस्टल कैंटीन आदि की सभी सुविधाएं इस परिसर में मौजूद होंगी। यहां पर परिसर बनने से इससे स्थानीय छात्रों को बड़ा फायदा होगा। विवि के पास भवन की कमी पांच साल से काफी बढ़ गई है। कई विभागों में सीटें बढ़ाई गई हैं, लेकिन भवन सीमित है। ऐसे में घणाहट्टी में परिसर बनने से आसपास के कई क्षेत्रों के छात्रों को इससे लाभ होगा। इससे छात्रों को लंबा सफर तय करके प्रदेश विवि में अध्ययन के लिए नहीं आना पड़ेगा।

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