एचसीएस का सिलेबस बदला

पंचकूला – प्रदेश सरकार ने एचसीएस परीक्षा के नए पैटर्न को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। संशोधन के अनुसार एचसीएस (कार्यकारी शाखा) और संबद्ध सेवाओं के पद पर भर्ती के लिए मुख्य लिखित परीक्षा में चार पेपर (तीन अनिवार्य और एक वैकल्पिक) होंगे। इस बारे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने बताया कि अनिवार्य और वैकल्पिक पेपरों के लिए पहले से अधिसूचित 23 वैकल्पिक विषयों और पाठ्यक्रम की सूची में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वर्तमान में एचसीएस और संबद्ध सेवाओं की मुख्य लिखित परीक्षा में पांच पेपर शामिल थे। इनमें अंग्रेजी, हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के लिए एक-एक पेपर और 23 वैकल्पिक विषयों की सूची में से चुने जाने वाले दो वैकल्पिक विषयों के लिए एक-एक पेपर था। अब चार पेपर की मुख्य लिखित परीक्षा होगी। ये परीक्षा कुल 600 अंकों की रहेगी। अंग्रेजी का पेपर-वन (अंग्रेजी निबंध सहित) और हिंदी का पेपर-टू (हिंदी निबंध सहित देवनागरी लिपि में) 100-100 अंकों का होगा, जबकि सामान्य अध्ययन के पेपर-तीन और 23 वैकल्पिक विषयों की सूची से चुने जाने वाले एक विषय का पेपर-चार, 200-200 अंक का तय किया गया है। परीक्षा के प्रश्न पत्र पारंपरिक (निबंध) होंगे और प्रत्येक पेपर तीन घंटे की अवधि का होगा। उम्मीदवारों के पास भाषा या साहित्य के पेपर को छोड़कर अन्य सभी प्रश्न पत्रों का उत्तर अंग्रेजी या हिंदी में देने का विकल्प होगा। हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियम, 2008 में संशोधन को मंजूरी देने के साथ ही नए नियम प्रभावी हो गए हैं। इन नियमों में संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुरूप अधिक समानता और एकरूपता लाई गई है। इन नियमों को हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2019 कहा जाएगा। जल्दी सरकार इसकी अधिसूचना जारी करेगी। वहीं हरियाणा मंत्रिमंडल ने विधि एवं विधायी विभाग (ग्रुप क) सेवा नियम, 2019 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। नियमों के अनुसार, अब 21 वर्ष से कम या 42 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को सीधी भर्ती के जरिए सेवा में किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा उप विधि परामर्शी और उप-सचिव के पद को सहायक विधि परामर्शी में से पदोन्नति अथवा राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।

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