कर्नाटक सरकार का जाना तय

Jul 18th, 2019 12:05 am

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 15 बागी विधायकों पर व्हिप लागू नहीं होगा

नई दिल्ली – कनार्टक में सियासी संकट पर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को एक महत्त्वपूर्ण अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि कर्नाटक के 15 बागी विधायकों पर व्हिप लागू नहीं होगा और इनको विश्वास मत प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। न्यायालय ने दूसरी ओर यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष कांग्रेस और जनता दल (एस) के बागी विधायकों के इस्तीफे पर अपने हिसाब से निर्णय करेंगे। इसके लिए कोई समय अवधि निर्धारित नहीं की जा सकती। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कांग्रेस और जद (एस) के बागी विधायकों की याचिकाओं पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि राज्य विधानसभा के सभी 15 बागी विधायकों को अगले आदेश तक सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं को विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लें या उससे बाहर रहें। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में अध्यक्ष की भूमिका एवं दायित्व को लेकर कई अहम सवाल उठे हैं, जिन पर बाद में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल संवैधानिक संतुलन कायम करने के लिए वह अपना अंतरिम आदेश सुना रहे हैं। न्यायमूर्ति गोगोई ने बागी विधायकों के इस्तीफे पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय से शीर्ष अदालत को अवगत कराने का निर्देश भी दिया। गौर हो कि 16 बागी विधायकों में से 15 ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किए जाने को चुनौती दी थी। विधायकों की ओर से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अदालत के फैसले के ये मायने हैं कि अब बागियों पर व्हिप लागू नहीं होगा। रोहतगी ने फैसले के बाद बताया कि 15 विधायक गुरुवार को विधानसभा में उपस्थित नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी है कि कोई भी इन विधायकों को विश्वास मत के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अब आप पूरा समीकरण समझ सकते हैं कि विधानसभा की 224 सदस्य हैं। 15 विधायक विधानसभा में उपस्थित नहीं होंगे। ऐसी स्थिति में बचे हुए विधायकों के जरिए ही सरकार को बहुमत साबित करना होगा। कुमारस्वामी सरकार गुरुवार को विश्वास मत साबित करेगी। ऐसे में अगर बागी विधायक सदन की कार्रवाई में शामिल नहीं होते हैं तो सरकार गिर सकती है।

बागी सदन से अनुपस्थित रहे तो…

बागी होकर विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके 16 विधायक विश्वास मत के दौरान अनुपस्थित रहते हैं तो सदन में सदस्य संख्या 207 रह जाएगी। बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 104 का हो जाएगा। बागियों की अनुपस्थिति में सरकार के पक्ष में केवल 100 वोट पड़ेंगे और सरकार गिर जाएगी।

बागी सरकार के खिलाफ वोटिंग करें तो

यदि 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं होते और वे फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो सरकार के पक्ष में 100 वोट पड़ेंगे। यह संख्या बहुमत के लिए जरूरी 112 के आंकड़े से कम होगी। ऐसे में स्वामी सरकार विश्वास मत खो देगी और सरकार के खिलाफ वोट करने पर बागियों की सदस्यता खत्म हो जाएगी।

यदि कुमारस्वामी सरकार गिर गई

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि कुमारस्वामी सरकार गुरुवार को 11 बजे विश्वास मत साबित करेगी। कनार्टक सरकार गिरने की स्थिति में भाजपा राज्यपाल वजूभाई वाला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। येदियुरप्पा ने कहा कि कुमारस्वामी सरकार गिर गई तो हम तीन दिन में राज्य में भाजपा सरकार बना लेंगे।

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या आपको सरकार की तरफ से मुफ्त मास्क और सेनेटाइजर मिले हैं?

View Results

Loading ... Loading ...


Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV Divya Himachal Miss Himachal Himachal Ki Awaz