कांगड़ा खाली पदों की मारी खाकी बेचारी

धर्मशाला—आम लोगों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाला विभाग खुद ही असुरक्षित महसूस करने लगा है। पिछले कई वर्षों से जिला कांगड़ा में 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों और जवानों के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सबसे बड़ा जिला कांगड़ा कैसे सुरक्षित हो सकेगा। मौजूदा समय में ही पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों के 119 पद पूरी तरह से खाली चल रहे हैं। इतना ही नहीं, कई बार रिक्त पदों का आंकड़ा इससे भी काफी अधिक होकर 150 के करीब पहुंच जाता है। वहीं, पुलिस जवानों के डेपुटेशन पर होने से भी कानून व्यवस्था चरमराई हुई नजर आती है।  पुलिस विभाग सरकार को बार-बार मांग भेज रहा है, बावजूद इसके थाने खाली होकर मात्र मुंशी के सहारे चल रहे हैं। ऐसे में पुलिस विभाग के पास चोरी सहित अन्य अपराधों को रोकने में भी बड़ी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।  प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों का सबसे बड़ा टोटा चल रहा है। जिला भर के थानों में महत्त्वपूर्ण रूप से होने वाले पद भी कई वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। इसके कारण कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले विभाग का खुद ही सिस्टम पूरी तरह से फेल हो जा रहा है। जिला कांगड़ा में मौजूदा समय में पुलिस थानों में पांच इंस्पेक्टर के पद पूरी तरह से रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा 11 सब-इंस्पेक्टर, 16 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एएसआई, 30 हैड कांस्टेबल और 57 कांस्टेबल के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में कुल 119 पद पुलिस विभाग में अधिकारियों और जवानों के रिक्त होने से व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमराई हुई है। जिला भर में नशे का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा खनन माफिया और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने में भी पुलिस कामयाब नहीं हो पाई है।  डीआईजी  संतोष पटियाल ने बताया कि जिला में पुलिस अधिकारियों और जवानों के कुछेक पद रिक्त चल रहे हैं। इस विषय पर सरकार व विभाग को प्रोपोजल बनाकर भेजा गया है।

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