किराए को नहीं थे पैसे, जम्मू से सोना-चांदी जीत कर लौटे दो भाई

धर्मशाला—प्रदेश के दो उभरते हुए खिलाडि़यों के पास प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किराए को भी पैसे नहीं थे,  लेकिन दो जुड़वा भाई जम्मू से सोना-चांदी लेकर राज्य में लौटे हैं। जिला कांगड़ा के देहरा के रहने वाले लविश और कुशिव ने कुश्ती में गोल्ड व सिल्वर मेडल जीत प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं, प्रदेश सरकार व खेल विभाग की खोखली घोषणाओं की पोल भी खुलकर सामने आ गई है। इसमें खिलाडि़यों की प्रतिभा को पहचान कर सुविधाएं प्रदान किए जाने के दावे किए जाते हैं। पहाड़ी राज्य हिमाचल के जिला कांगड़ा देहरा के समीपवर्ती नलेटी गांव से लविश और कुशिव ने कुश्ती में प्रदेश का नाम रोशन किया। जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया इंटर स्टेट ओपन रेस्लिंग चैंपियनशिप में इन खिलाडि़यों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। लविश ने 38 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल तथा कुशिव ने 40 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया है। इनके कोच पहलवान रमेश पटियाल ने इनको संस्कृत विद्यापीठ में मैट पर तथा पहलवान लेखराज टिड्डी ने लग बलियाना स्थित अखाड़े में अभ्यास करवाया।  राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परागपुर में नौंवी कक्षा में पढ़ रहे इन दोनों जुड़वां भाइयों के लिए जम्मू विश्वविद्यालय तक पहुंच कर प्रतियोगिता में भाग लेना भी बहुत संघर्षमयी रहा। इनके दादा शिव कुमार व पिता वीरेंद्र गांव में ही एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के कारण एक बच्चे पर छह से सात हजार बजट खर्च होने की बात सुनकर घर वालों ने निर्णय लिया कि किसी एक ही खिलाड़ी को जम्मू भेजेंगे, लेकिन इनके हौंसले को उड़ान तब मिली जब परागपुर विद्यालय के शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता सुरेंद्र चूडि़या ने जम्मू तक पहुंचाने तथा वहां का खर्च करने के लिए एक भाई का जिम्मा ले लिया।  दोनों भाइयों ने 19 से 21 जुलाई तक आयोजित इस ओपन चैंपियनशिप में हिमाचल के गौरव बढ़ाया। स्कूल के प्रधानाचार्य शेर सिंह लगवाल ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की।

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