कुमारहट्टी बिल्डिंग हादसे से सहमे लोग

धर्मपुर—कुमारहट्टी-नाहन नेशनल हाई-वे पर रविवार को ध्वस्त हुई चार मंजिला इमारत के बाद लोग अभी भी सहमे हुए है। लोगों के दिलोदिमाग से इमारत के गिरने का वह मंजर दूर नहीं हो पा रहा है। इस जगह के आसपास बने होटल, रेस्तरां व ढाबों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे को हुए बेशक कई घंटे बीत चुके हो लेकिन मंगलवार को  यहां पर न तो कोई स्थानीय व्यक्ति दिखाई दे रहा है और न ही किसी पर्यटक का यहां रुकने का मन कर रहा है। आसपास रहते पड़ोसियों के आखों में अभी भी आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे है। बता दे कि कुमारहट्टी-नाहन नेशनल हाई-वे गाडि़यों का फ्लो अधिक रहता है और जब से कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर फोरलेन का निर्माण कार्य चला हुआ है तब से अधिकतर पर्यटक और अन्य लोग इसी हाई-वे का प्रयोग कर रहे हैं। बड़ोग ग्राम पंचायत का गांव रुंदनघोरों से हिमाचल की  वादियों का एक बेहतर नजारा देखने को मिलता है और लोग कुछ समय के लिए इन वादियों का लुत्फ उठाने के लिए कुछ समय यहां बिताते हैं। लेकिन रविवार सायं करीब चार बजे हुए इस हादसे ने सोचने पर  मजबूर कर दिया है और लोग भी इस हादसे से काफी डरे हुए है।

क्या कहना है स्थानीय लोगों का

स्थानीय लोगों का कहना है कि आज एक बिल्डिंग की जगह मलबा दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हम यह सोचने पर मजबूर है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ।

बहुत लोग रुकते थे ढाबे पर

कुमारहट्टी-नाहन नेशनल हाई-वे पर बनी इस चार मंजिला इमारत के तीसरे फ्लोर पर एक सहज तंदूरी ढाबा भी चलता था। यहां पर दिन में बहुत से लोग खाना खाने रुकते थे। जिस समय यह हादसा हुआ उस दौरान भी यहां पर सेना के जवान रुके हुए थे।

नेशनल हाई-वे पर ट्रैफिक हुआ सुचारू

रविवार हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद से नेशनल हाई-वे को कुछ किलोमीटर तक बंद कर दिया था और ट्रैफिक को अन्य मार्गों से डायवर्ट किया गया था। इस दौरान नाहन से सोलन की ओर आने वाले वाहनों को वाया जीरो प्वाइंट, नाहन से कुमारहट्टी व धर्मपुर आने वाले वाहनों को वाया अंहेच व चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को वाया भोजनगर भेजा जा रहा था। लेकिन राहत बचाव कार्य पूरा होने के बाद सोमवार लगभग पांच बजे इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

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