क्रांतिकारी साहित्यकार थे पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम

नगरोटा बगवां  – पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम द्वारा देश की आजादी के लिए दिए गए योगदान के लिए देश व प्रदेश के लोग हमेशा कृतज्ञ रहेंगे। वह एक स्वतंत्रता सेनानी तथा क्रांतिकारी साहित्यकार थे। उनके द्वारा देश के लिए किए गए कार्य सभी के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेंगे। यह शब्द शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी ने  नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के बड़ोह कालेज में हिमाचल कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी शिमला द्वारा पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम की जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह के अवसर पर कहे। उन्होंने कहा कि बाबा कांशी राम ने काव्य से सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक व सांस्कृतिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। सरोजनी नायडू ने उन्हें ‘बुलबुल-ए-पहाड़’ का खिताब दिया था। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री ने आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान जोगिंद्रनगर द्वारा हर्बल गार्डन एवं हरवेरियम प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में कपूर का पौधा भी लगाया। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री ने पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम के पौत्र रविकांत, विनोद व नीरज को  विशेष रूप से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने  पहाड़ी भाषा  में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में डा. गौतम व्यथितए रेखा डढवाल, प्रत्यूष गुलेरी, डा. विजय पुरी, नवनीत शर्मा व श्वेता आदि ने भी अपने विचार रखे। शहरी विकास मंत्री ने इस अवसर पर जिला कागड़ा के धमेटा की नीलम शर्मा द्वारा लिखित ‘अतीत के संवाद’ निबंध संग्रह व धर्मशाला के युगल डोगरा द्वारा लिखे पहाड़ी निबंध संग्रह ‘कराली फुल्ली पेइयां’ का विमोचन किया। इस अवसर पर स्थानीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा. राजेश शर्मा, दीपक अवस्थी, विनोद भावुक, रजनीश, आरएम राजकुमार, अश्वनी धीमान, उमाकांत, अनीता, दुर्गेश नंदन, हरिकृष्ण मुरारी, प्रकाश चंद, रमेश मस्ताना सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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