खराब दालों की बिक्री रुकी

किन्नौर जिला में मामला उजागर होते ही प्रशासन ने उठाया कड़ा कदम, आचार संहिता के दौरान लगी पांबंदी का रहा असर

रिकांगपिओ -उचित मूल्य की सरकारी दुकानों में एक्सपायरी दाले बेचे जाने का मामला मीडिया में उजागर होते ही किन्नौर प्रशासन हरकत में आया। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ईश्वर चंद  ने जिला के सभी उचित मूल्यों की सरकारी दुकानों से एक्सपायरी दालो की बिक्री पर रोक लगा दी।  बता दे कि बीते कुछ दिनों से किन्नौर जिला में जितने भी सरकारी उचित मूल्य की दुकानें है उन सभी मे एक्सपायरी दाले उपभोगताओं को दिए जाने का मामला सामने आया। मामला मीडिया में उजागर होते ही सम्बंधित अधिकारी ने कार्यवाही करते हुए एक्सपायरी दालो की बिक्त्री तुरन्त रोक लगाई और डायरेक्टर को इस कि लिखित जानकारी मुहैया करवाई। अधिकारी ने बताया कि एक्सपायरी दालो की बिक्त्री पर रोक लगा दी गई है और पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारी को दे दी गई है।  बताया जाता है कि आखिर किन्नौर में ही एक्सपायरी दाले उपभोगताओं को क्यों दी जा रही थी। जानकार बताते है कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावो के दौरान इन दालो की बिक्त्री पर इस लिए पावंदी लगाई गई थी क्योंकि इन दालों के थैलियों पर मुख्यमंत्री सहित मंत्री का फ़ोटो लगा था। उस समय अधिकारियों ने चुनाब आचार संहिता के दायरे में आने के डर से इन दालो की बिक्त्री पर रोक लगा दी थी। अब आचार संहिता के खत्म होते ही उन पुरानी दालो की बिक्त्री शुरू कर दी। लेकिन विभाग ने इन एक्सपायरी दालो की बिक्त्री ऐसे क्षेत्रों में करना उचित समजा जहा आसानी से दालो की खपत हो सके। लेकिन व इस बात से अन्विज्ञ थे कि यहां के वही लोग है जिन्होंने कुछ वर्ष पूर्व ही सोसायटी से मिलने वाले आटे में रेत होने के मामले को उजागर कर  सरकार की खासी किरकिरी हुई थी। पुने किन्नौर जिला में बार बार इस तरह के अनियमिताएं भरते जाने के मामले उजागर होने से सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठने लगा है।

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