चाहे जान पर बन आए, पर वॉटरफाल जाकर ही रहेंगे

धर्मशाला  —धर्मशाला-मकलोडगंज के भागसूनाग की पहाडि़यों में शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी लगातार खतरा बना हुआ है। आठ माह की दुधमुही बच्ची के जीवन को खत्म करने और सात लोगों को गंभीर रूप से घायल करने के बाद भी पहाड़ के दरकने का खतरा बना हुआ है। वहीं, पर्यटन सीजन के चलते बेशुमार पर्यटक अब भी वॉटरफाल तक जा रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन ने पहाड़ी दरकने वाले स्थान पर दोनों तरफ पुलिस तैनात कर दी है। साथ ही कमिश्नर नगर निगम धर्मशाला प्रदीप ठाकुर व एसडीएम धर्मशाला डा. हरीश गज्जू ने खुद ही लिखकर संवेदनशील क्षेत्र में साइन बोर्ड भी लगा दिए हैं। वहीं, एमसी धर्मशाला के उपमहापौर एवं भागसूनाग वार्ड के पार्षद ओंकार नैहरिया ने सीमेंट की स्प्रे करने और झाला लगाने की भी मांग उठाई है। वहीं प्रशासन ने अब खड्डों में सजा दी होटल व दुकानों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही क्षेत्र में लोगों और पर्यटकों को भी ऐहतिहात बरतने को भी कहा जा रहा है। भागसूनाग में शनिवार को हुए हादसे के बाद रविवार को प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय मंदिर के पदाधिकारी भी काफी अलर्ट दिखे। भागसूनाग मंदिर के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने पहाड़ी से दरकने वाले पत्थरों को लेकर सावधानी बरतना शुरू कर दिया है। शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी हजारों की संख्या में भागसूनाग पहुंच रहे पर्यटक वॉटरफाल की तरफ जाने से नहीं मान रहे। रविवार को भी हजारों पर्यटकों ने जान जोखिम में डालकर वॉटरफॉल की तरफ जाने का सिलसिला जारी रखा। हालांकि प्रशासन ने पत्थर दरकने वाले स्थान में पर्यटकों को जल्दी-जल्दी आगे बढ़ाने के लिए पुलिस जवान तैनात कर दिए हैं। साथ ही साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिसमें पत्थर गिरने की सूचना दी गई है और जल्द ही रास्ते से आगे जाने की बात कही गई है। इस दौरान पुलिस व प्रशासन ने पर्यटकों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन हजारों की संख्या में पहुंच रहे पर्यटक वॉटरफाल जाने से नहीं मान रहे। वहीं वॉटरफाल के नाले में बना दिए गए होटलों और दुकानों को लेकर भी नगर निगम और वन विभाग अब कार्रवाई करेगा।

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