चीन ने मांगा भारत का साथ

अमरीका से ट्रेड वार के बीच कहा, मिलकर दूर करेंगे व्यापारिक असंतुलन

पेइचिंग – आतंकवाद और सीमा विवाद समेत कई मामलों में भारत के खिलाफ रुख रखने वाला चीन ट्रेड वार में साथ आने की अपील कर रहा है। इसके लिए चीन ने भारत के साथ अपने व्यापारिक असंतुलन को लेकर भी बात करने की बात कही है। चीन ने कहा है कि वह व्यापारिक असंतुलन को लेकर भारत की चिंताओं को समझता है और वह उसके साथ इस संबंध में वार्ता के लिए तैयार है। इसके साथ ही चीन ने ट्रेड में एकपक्षीयता और संरक्षणवाद के खिलाफ भारत के भी साथ आने की अपील की। बता दें कि अमरीका और चीन के बीच बीते कई महीनों से ट्रेड वॉर चल रहा है। भारत में चीन के नए राजदूत सन वेइडोंग ने कहा, व्यापारिक असंतुलन को लेकर भारत की चिंताओं को चीन बखूबी समझता है। मगर हम यह कहना चाहेंगे कि चीन ने कभी भी भारत के मुकाबले ट्रेड सरप्लस के लिए कोई योजनापूर्वक प्रयास नहीं किया। सन ने कहा कि चीन ने भारत से चावल और चीनी के आयात में इजाफे की कोशिशें शुरू कर दी हैं। इसके अलावा भारतीय दवाओं और कृषि उत्पादों के इम्पोर्ट पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के आंकड़े बताते हैं कि चीन में भारतीय उत्पादों के आयात में 15 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके अलावा बीते साल चीन के बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात में भी दोगुने तक का इजाफा हुआ है। भारत लंबे समय से चीन पर अपने फार्मास्युटिकल मार्केट को भारतीय दवाओं के लिए खोलने का दबाव बनाता रहा है। चीन से भारत का व्यापारिक असंतुलन 95.5 बिलियन डालर के मुकाबले 57 अरब डालर के करीब ही है। भारत में चीनी राजदूत वेंग ने कहा, इस साल की पहली छमाही में चीन के साथ भारत के व्यापारिक घाटे में पांच फीसदी तक की कमी आई है। इसलिए मुझे यकीन है कि लगातार इस संबंध में प्रयास किए जाने से भारत और चीन के बीच व्यापारिक संतुलन को नियंत्रित किया जा सकता है। 

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