चुनाव करवाने की जिद पर अड़े छात्र संगठन

शिमला—एससीए चुनाव बहाली के लिए अब एसएफआई और एबीवीपी जंग छेड़ेंगी। पिछले पांच वर्षों से प्रत्यक्ष चुनाव पर रोक लगी है। इसे देखते हुए एचपीयू के प्रमुख छात्र संगठनों ने पशासन और सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की रणनीति भी तैयार कर दी है। छात्रा संगठनों ने एचपीयू प्रशासन को चेतावनी दी है कि प्रत्यक्ष चुनाव बहाल नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश के कालेजों में शिक्षा बंद का आंदोलन शुरू होगा। हालांकि इस मसले पर एचपीयू प्रशासन ने सभी कालेज प्रबंधनों से राय भी मांगी है, लेकिन छात्र संगठन अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी एसएफआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। छात्र संगठनों का मानना है कि छात्र संघ चुनावों पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए। छात्र संघ चुनाव न होने के कारण छात्रों की समस्याओं को प्रशासन दरकिनार करता रहा है। इसकी एक वजह यह है कि छात्रों के पास चुना हुआ मंच न होने के कारण प्रशासन छात्रों की बात गंभीरता से नहीं लेता। छात्र संगठनों का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश सरकार व विश्विद्यालय प्रशासन छात्रों के जनवादी अधिकारों का साफ तौर पर हनन कर रही है। छात्र संगठन का मानना है कि एक तरफ एचपीयू के कुलपति कहते है विवि में शैक्षणिक माहोल को कामय करने के लिए छात्र संघ चुनाव नहीं होने चाहिए। वहीं दूसरी तरफ एचपीयू में छात्रों के परीक्षा परिणामों के  रिजल्ट आधे अधूरे घोषित किए गए हैं, जिससे छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कुलपति ने यह भी साफ कहा है कि यदि एचपीयू परिसर में शांतिपूर्ण माहौल रहता है तो वह स्वयं छात्र संघ चुनावों की बहाली के लिए राजयपाल से बात करेंगे। इसे देखते हुए एबीवीपी व एसएफआई ने इस बार छात्र संघ चुनावों की बहाली के लिए रणनीति तैयार कर ली है। जल्द ही छात्र संगठन प्रदेश भर के कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों की बहाली के लिए उग्र आदोंलन करेगी। छात्र संघ चुनाव की बहाली के लिए कोटशेरा,संजोली,आरकेएमवी,इवनिंग कॉलेज,  कॉलेज में धरना प्रदर्शन किया गया । छात्र संगठनों का मानना है कि यदि इस बार छात्र संघ चुनाव करवाएं जाते है तो छात्रों को आ रही समस्याओं को प्रशासन के सामने रखने में और उन समस्यओं के  सामाधान में भी आसानी होगी। छात्र संगठन का मानना है कि छात्र संघ चुनावों की बहाली के बाद  न केवल छात्रों की समस्याओं को प्रशासन तक रखा जाएगा बल्कि  समस्या के सामाधान के बाद छात्रों के लिए शैक्षणिक माहौल बनाए रखने में भी सहयोग होगा।

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