चौगान तीन और चार 31 लाख में नीलाम

मिंजर मेले में राजस्व जुटाने की प्रशासन ने शुरू की कवायद, एक और दो चौगान को नहीं मिले खरीददार

चंबा –अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला के दौरान व्यापारिक गतिविधियों के लिए शहर के चार चौगानों को नीलाम कर राजस्व जुटाने की प्रशासनिक कवायद के दूसरे चरण में भी चौगान नंबर एक और दो को फिलहाल कोई खरीददार नहीं मिल पाया है। हालांकि शुक्रवार को ऑफलाइन टेंडर के जरिए प्रशासन ने चौगान नंबर तीन और चार को नीलाम कर कुछ हद तक राहत महसूस की है। जानकारी के अनुसार मिंजर मेला की व्यापारिक गतिविधियों के चौगानों को नीलाम करने के लिए शुक्रवार को तहबाजारी उपसमिति ने ऑफलाइन टेंडर कॉल किए थे। इस दौरान निर्धारित अवधि तक चौगान नंबर एक और दो के लिए टेंडर डालने में किसी भी ठेकेदार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। मगर चौगान नंबर तीन और चार को नीलाम करने के लिए टेंडर प्रक्रिया सफलतापूर्वक निपटा ली गई। शुक्रवार को जिला प्रशासन ने चौगान नंबर चार को 21 लाख पांच हजार और चौगान नंबर तीन को नौ लाख 21 हजार रुपए में नीलाम कर दिया है। अब जिला प्रशासन ने चौगान नंबर एक और दो को नीलाम करने के लिए दोबारा से प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस प्रक्रिया के लिए डीसी विवेक भाटिया से विचार-विमर्श के बाद फैसले की बात कही जा रही है। बताते चलें कि इस वर्ष जिला प्रशासन ने चंबा के चार चौगानों को नीलाम करके करीब पौने दो करोड़ रुपए का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो कि गत वर्ष की तुलना में पांच फीसदी अधिक है।  इसके तहत चंबा चौगान नंबर एक का आरक्षित मूल्य एक करोड़ छह लाख पांच हजार, चौगान नंबर दो का 39 लाख छह हजार, चौगान नंबर तीन का नौ लाख और चौगान नंबर चार का आरक्षित मूल्य 21 लाख रुपए तय किया है। इस आरक्षित मूल्य के अलावा ठेकेदार को 18 फीसदी जीएसटी अलग से देनी होगी।

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