छह दवाआें कंपनियां ब्लैकलिस्ट घोषित

  दवाअाें के सैंपल फेल होने पर स्वास्थ्य विभाग ने कसा शिकंजा

शिमला –प्रदेश में फेल हुए दवाआें के सैंपल पर स्वास्थ्य विभाग ने छह कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसमें  तीन कंपनियां राज्य से बाहर और तीन कंपनियां बद्दी, नालागढ़ से हैं। जानकारी के मुताबिक इन दो वर्षों में फेल हुए दवा सैंपल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। जानकारी के मुताबिक दो वर्षों में अभी तक अढ़ाई हजार दवाआें के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे, जिसमें 40 फेल हो गए थे। इस पर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब आने के बाद विभाग द्वारा कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है, जिस पर प्रदेश सरकार भी साफ कर चुकी है कि राज्य सरकार तय समय के तहत विभिन्न दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए सैपलिंग करवाती है और इसके दृष्टिगत अब सख्त कार्रवाई अपनाई  जाने वाली है। साफ किया जा रहा है कि ऐसी कंपनियों को किसी भी तरह का संरक्षण नहीं दिया जाएगा। इन कंपनियों की मनमानी अब कतई नहीं चलेगी। जिसके तहत दवा की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनके उत्पादकों को पहले से ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। विभाग के मुताबिक जब सैंपल फेल हुए थे उस समय ऐसी दवाओं को बाजार से तुरंत हटाने के आदेश भी जारी कि ए जा चुके हैं। विभाग लगातार ऐसी दवाओं पर नजर रखें हैं और किसी भी स्तर पर कोताही करने पर बख्शा नहीं जाएगा।

अवमानक दवाआें पर चेक रखने के आदेश

विभाग की ओर से ये भी निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारी अवमानक दवाओं की आमद अथवा बाजार में उपलब्धता पर हर वक्त निगरानी रखें व दवाओं को तुरंत बाजार से हटवाने के आदेश करें। विभाग का मामना है कि ऐसी दवा कंपनियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कोई भी कंपनी यदि नियमों का उल्लंघन करती है और अथवा अवमानक दवाई का निर्माण करती है तो ऐसी कंपनी का लाइसेंस तक रद्द किया जाएगा।

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