छह लाख बिजली मीटर बदलेंगे

प्रदेश सरकार जल्द आमंत्रित करेगी टेंडर, हर महीने खरीदे जाएंगे 40-40 हजार उपकरण

शिमला – प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड को प्राथमिकता के आधार पर बिजली के मीटर की सप्लाई करने को कहा है। प्रदेश में छह लाख बिजली के मीटर लगने हैं, जिसके लिए जयराम सरकार जल्द ही टेंडर आमंत्रित करेगी। पिछले साल जीएसटी लागू होने के कारण प्रदेश में बिजली के मीटर की सप्लाई नहीं हो पाई थी। सूत्रों के मुताबिक राज्य बिजली बोर्ड अगले महीने 30 हजार बिजली मीटर खरीदेगा। यानी हर महीने 30 और 40 हजार बिजली के मीटर खरीदे जाएंगे और अगले साल मार्च तक छह लाख का लक्ष्य पूरा होगा। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों सहित अन्य स्थानों पर बिजली के पुराने खंभे बदलने के लिए बिजली बोर्ड प्रबंधन ने कवायद शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में प्रदेश में दस हजार खंभों की सप्लाई होगी। उसके बाद जिन-जिन क्षेत्रों में आवश्यकता है, वहां लगाए जाएंगे। प्रदेश में बिजली के नए उपभोक्ताओं को बिजली मीटर महंगा मिल सकता है। जानकारी के मुताबिक जीएसटी लागू होने से पहले ऑर्डिनरी मीटर 15 से 17 सौ रुपए प्रति मीटर के हिसाब में मिलता था, लेकिन अब दो हजार से शुरू हो सकता है। इसके साथ-साथ स्मार्ट बिजली मीटर कम से कम तीन हजार रुपए प्रति मिलेगा। जीएसटी लागू होने के बाद बिजली के मीटर भी महंगे मिलेंगे।

नहीं रहेगी यह दिक्कत

प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जहां हमेशा से ही कम बिजली वोल्टेज की समस्या रहती है, उन क्षेंत्रों को जल्द ही राहत मिलेगी। राज्य बिजली बोर्ड ने इस संदर्भ में पूरी रिपोर्ट तैयार कर दी है। इन क्षेत्रों में लंबी ट्रांसमिशन लाइन के कारण ऐसी दिक्कतें आ रही हैं। बिजली बोर्ड ये लाइनें बदलकर छोटी करेगा और जगह-जगह ट्रांसफार्मर भी लगाएगा, जिससे कम वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी।

105 करोड़ रुपए चाहिए

ऊर्जा राज्य हिमाचल में बिजली ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए सरकार के पास पैसा ही नहीं है। हालांकि लाइन बिछाने के लिए करोड़ों की राशि चाहिए, लेकिन सरकार भी क्या करे। ऐसी स्थिति में जयराम सरकार एडीबी यानी एशियन डिवेलपमेंट बैंक से 105 करोड़ मांगेगी। ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए एडीबी से प्रदेश को पूर्व में 223 करोड़ रुपए मिल चुका है। वर्ष 2011 में 113 करोड़ और वर्ष 2014 में 110 करोड़ रुपए आ चुका है।

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