छात्रों का इंजीनियर बनने का सपना अधूरा

तीसा—राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्हेल में विज्ञान संकाय की कक्षाएं आरंभ न हो पाने से तीन पंचायतों के नौनिहालांे का चिकित्सक व इंजीनियर बनने का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। पाठशाला में विज्ञान संकाय की कक्षाएं आरंभ न होने से मजबूरन छात्रों को संबंधित विषय की पढ़ाई हेतु 50 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है। अभिभावकों की कल्हेल में विज्ञान संकाय की कक्षाएं आरंभ करने की मांग पर भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों खेम सिंह राणा, योगराज, नरेंद्र, जगदीश, धर्म चंद, लेखराज, संत सिंह राणा, शेर सिंह, अजय कुमार, मोहम्मद रफी व मंजूर मोहम्मद का कहना है कि कल्हेल पाठशाला में चरोडा, करेरी व कल्हेल पंचायत के करीब चार सौ छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पाठशाला में अभी तक जमा एक व दो में विज्ञान संकाय की कक्षाएं आरंभ नहीं हो पाई हैं। उन्हांेने बताया कि पाठशाला में विज्ञान संकाय आरंभ न होने से चिकित्सक व इंजीनियर बनने की चाहत पाले नौनिहालों को मजबूरन कला की पढ़ाई करनी पढ़ रही है। उन्होंने बताया कि विज्ञान संकाय की पढ़ाई की सुविधा 50 किलोमीटर दूर चंबा में उपलब्ध होने के कारण गरीब अभिभावक अपने नौनिहाल को नहीं भेज पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कल्हेल पाठशाला में विज्ञान संकाय की कक्षाएं आरंभ करने की मांग पर महज अभी तक कोरे आश्वासन ही मिल पाए हैं। उन्हांेने सरकार से नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य के मद्देनजर जल्द कल्हेल पाठशाला में विज्ञान संकाय की कक्षाएं आरंभ कर राहत पहंुचाने की गुहार लगाई है। बहरहाल, कल्हेल पाठशाला में जमा एक और दो में विज्ञान संकाय की कक्षाएं आरंभ न होने से नौनिहालों की चिकित्सक व इंजीनियर अपने का सपना चकनाचूर होकर रह गया है।

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