जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड सस्पेंड

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने संविधान का उल्लंघन करने पर किया निलंबित

हरारे – इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) बोर्ड ने जिम्बाब्वे क्रिकेट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आईसीसी की सालाना बैठक में जिम्बाब्वे क्रिकेट पर सर्वसम्मति के साथ ये फैसला लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकतांत्रिक तरीके से निष्पक्ष चुनाव कराने में जिम्बाब्वे नाकाम रहा। आईसीसी ने अपने बयान में कहा है कि जिम्बाब्वे क्रिकेट लोकतांत्रिक तरीके से निष्पक्ष चुनाव कराने में नाकाम रहा। इसके अलावा जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड सरकारी दखलअंदाजी को खत्म करने में भी असफल रहा। इसके कारण जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड पर यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अब आईसीसी फंडिंग जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड को नहीं मिलेगी, वहीं देश की प्रतिनिधि टीमें आईसीसी इवेंट्स में हिस्सा भी नहीं ले सकेंगी। इसके कारण अब अक्तूबर में पुरुषों के टी-20 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में जिम्बाब्वे की भागीदारी पर संकट मंडराने लगा है। आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर ने कहा, किसी सदस्य को निलंबित करने के फैसले को हल्के में नहीं लिया जाता। हमें खेल को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे में हुई घटना आईसीसी संविधान का गंभीर उल्लंघन है। इसे अनियंत्रित तरीके से जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। आईसीसी चाहता है कि आईसीसी संविधान के दायरे में जिम्बाब्वे में क्रिकेट जारी रहे। बता दें कि हाल ही में सरकार के खेल एवं मनोरंजन आयोग के जरिए जिम्बाब्वे क्रिकेट को संवैधानिक नियमों का उल्लघंन करने के कारण निलंबित किया गया था।

30 क्रिकेटर्ज का करियर तबाह

आईसीसी के फैसले से जिम्बाब्वे के 30 क्रिकेटर्ज का करियर एक झटके में तबाह हो गया। इन क्रिकेटर्ज में आरपी बर्ल, टी  चतारा, टीएस कामुनहुकाम्वे, डब्ल्यू पी मसाकद्जा, मायर, आर मरे, मुजाराबानी, रोची, तिरिपानो, चकाबवा, चिभाभा, क्त्रिस इर्विन, मरुमा, मसवाउरे, मूर, मुसाकांडा, ए एनदोल्वु, सिकंदर रजा, सीन विलियम्स, बी. चारी, चिगुंबुरा, जारविस, हैमिल्टन मसाकद्जा, मावुता, मोफू, मुतुमबामी, नगारावा, ब्रेंडन टेलर व झुवाओ शामिल हैं।

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