जिलाभर में डायरिया पसारने लगा पैर

सोलन—जिला सोलन में डायरिया ने अपने पैर प्रसारने शुरू कर दिए है। जिला के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना चार से पांच मामले पहुंचे रहे है। जिनका  इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसके चलते अस्पताल में एक माह में लगभग 60 डायरिया के मामले अस्पताल में पहुंचे है। यह सभी मामले एक जगह के न होकर जिला के विभिन्न क्षेत्रों के है। हालांकि अस्पताल प्रसासन व स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित व बरसात में होने वाली अन्य बीमारियों को लेकर पूरी अलर्ट है और लोगों को भी इस बारे जागरूक किया जा रहा है। उधर, डेंगू से बचाव के लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कमर कसी हुई है और जिला के विभिन्न क्षेत्रों में फॉगिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसी के साथ बरसात में दूषित पानी पीने से होने वाली डायरिया व अन्य बीमारियों को लेकर भी टास्क फोर्स टाइम जिलाभर में तैनात की गई हैं। गौरतलब हो कि बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। वहीं इस दौरान डेंगू का प्रकोप भी बढ़ने लगता है। पिछले वर्ष भी डायरिया और डेंगू के बहुत मामले सामने आए थे। इससे जिला के कई क्षेत्रों में हड़कंप पैदा हो गया था। लेकिन इस वर्ष इस आंकड़े पर लगाम कसने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग गर्मियों के शुरुआती दिनों में ही अलर्ट हो गया है और इस के लिए अपनी कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग जिला भर में जल-जनित बीमारियों से बचाव के लिए सभी संस्थानों व लोगों को पानी की टंकियों व जलस्रोतों को साफ करने केलिए कहा है।

आईबी फल्यूडस टेस्ट किटें करवाई उपलब्ध

डेंगू के खतरे से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग शुरू कर दी। यही नहीं जिला के सभी ब्लॉकों में आशा वर्करों की सहायता से लोगों को घरद्वार जाकर जागरूक किया जा रहा है। इसी के साथ मच्छरों के लारवे को मारने के लिए आशा वर्करों को टेमी फोस्ट ग्रेन्यूज स्प्रे भे दिया गया है। इसके लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्सिस को तैनात किया गया है। जिसमें जिला स्तर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ओर ब्लॉक स्तर पर बीएमओ की निगरानी रहेगी। इसके लिए सोलन, परवाणू, नालागढ़, बद्दी में आईबी फल्यूडस टेस्ट किटें उपल्बध करवा दी गई है।

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