जुलाई के अंत में ट्रांसफर पॉलिसी

शिक्षकों की तबादला नीति पर शिक्षा सचिव ने विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

शिमला – हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों के लिए बनाई जाने वाली ट्रांसफर पॉलिसी अब जुलाई के अंत तक लागू हो सकती है। गुरुवार को सचिवालय में शिक्षा प्रधान सचिव के साथ उच्च शिक्षा व प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक के साथ हुई बैठक में इस पॉलिसी पर चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षा सचिव को निदेशकों द्वारा ट्रांसफर पॉलिसी पर दिए गए सुझाव अच्छे लगे। बताया जा रहा है कि  सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के तबादले अब ज्यादा नंबर के आधार पर होंगे। यानी कि पांच जोन में नई ट्रासंफर पॉलिसी को बांटा जाएगा, जिसमें ट्राइबल व हार्ड एरिया में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को ज्यादा नंबर दिए जाएंगे और वहीं ग्रामीण व सॉफ्ट एरिया में थोड़े कम नंबर। वहीं हैडक्वार्टर में उससे भी कम नंबर शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए होंगे। सूत्रों की मानें, तो नई ट्रांसफर पॉलिसी में सरकार इस नियम को अपनाने जा रही है। इसके साथ ही ट्राइबल ऐरिया में सेवाएं देने वाले शिक्षकों के तय किए गए तीन साल के कार्यकाल को भी घटाया जा सकता है। पहले जहां जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकोंं को तीन साल की सेवाएं देना जरूरी था, वहीं उसे कम करके दो साल किए जाने की भी योजना है। ट्रांसफर पॉलिसी पर हुई चर्चा में फैसला लिया गया कि जुलाई माह के अंत तक तबादला नीति पर फैसला ले लिया जाएगा। यही वजह है कि शिक्षा विभाग ने शिक्षा सचिव को तबादला नीति पर बनाए गए प्रोपोजल को सौंप दिया है। गौर हो कि शिक्षा विभाग ने सरकार के आदेशों के बाद हरियाणा, उत्तराखंड व तमिलनाडू तीन राज्यों की ट्रासंफर पॉलिसी का अध्ययन करने के बाद ही यह प्रोपोजल बनाया था। बताया जा रहा है कि हिमाचल की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ही ट्रासंफर पॉलिसी में नियमों में कई नए नियमों का प्रवाधान किया गया है।

बाधित नहीं होगी छात्रों की पढ़ाई

सचिवालय में हुई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ट्रांसफर एक बार ही होगी। यानी कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए साल में एक या दो बार ही तिथि निर्धारित की जाएगी और उसके मुताबिक ही ट्रांसफर होगी। सरकार का तर्क है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी की वजह से छात्रों की पढ़ाई पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

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