ट्रक आपरेटर्ज को देंगे बेहतर सुविधाएं, माल भाड़े का निकालेंगे हल

बीबीएन—दि नालागढ़ ट्रक आपरेटर यूनियन के चुनावों में सर्वस मति से लगातार पांचवी बार अध्यक्ष बने विद्यारतन चौधरी ने कहा कि मालभाड़े के मसले का स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सर्वमान्य हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि मालभाड़े को लेकर जो कुछ दिक्कतें है उन्हें प्रदेश सरकार व उद्यमियों के साथ मिल-बैठकर सुलझा लिया जाएगा। चौधरी विद्यारत्न  ने कहा की उनके लिए ट्रक आपरेटरों के हित सर्वाेंपरि है और यूनियन आगामी एक साल के अंदर यहां मौजूद सभी ट्रक आपरेटरों व चालकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने पर काम करेगी। चौधरी विद्यारतन का यह भी कहना है कि वे यूनियन के काम में और भी पारदर्शिता लाएंगे, ताकि ट्रक आपरेटर्स और उद्यमियों के बीच बढि़या तालमेल स्थापित हो सके। यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि बीबीएन में माल ढुलाई के काम में लगें ट्रेक्टरों पर रोक लगाई जाएगी, इसके अलावा अगर यूनियन के किसी आपरेटर के ट्रेक्टर उद्योगों से माल ढुलाई में लगे है तो उसे हटाया जाएगा साथ ही बाहर के ट्रंासपोर्टरों दवारा जो ट्रेक्टर बीबीएन में लगाए गए है उनहें तुरंत बंद करवाया जाएगा। चौधरी विद्यारत्न ने कहा कि उद्योगों द्वारा ढुलाई के लिए निजी गाडि़यां डाली गई है इस मसले पर जल्द उद्योगपतियों से बात की जाएगी और माल ढुलाई के लिए यूनियन की ही गाडि़यां लेने को कहा जायेगा। उन्होंने कहा की उद्योगों द्वारा निजी गाडि़यां डालने से यूनियन के काम पर असर पड़ रहा है वैसे ही मौजूदा दौर में ट्रक आपरेटर आर्थिक मंदी से जुझ रहे है। गौरतलब है कि नालागढ़ ट्रक यूनियन का गठन 65 वर्ष पहले 1952 में हुआ था। तब से लगातार इस यूनियन ने खासी तरक्की की है, यहां सबसे ज्यादा समय तक अध्यक्ष पद पर स्व. सरदार ज्ञान सिंह काबिज रहे। उनके बाद से चौधरी विद्यारतन यूनियन की कमान संभाले हुए है। विद्यारतन साफ छवि वाले ईमानदार, मेहनती और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं। यही वजह है कि यूनियन ने उन्हें लगातार चौथी बार अपना अध्यक्ष चुना है। यूनियन में कुछ बुनियादी सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हालांकि यहां अन्य यूनियनों के मुकाबले ज्यादा सुविधाएं हैं, जिनमें वाहन चालकों के लिए रहने के लिए कमरे, शौचालय, चालकों के लिए रेस्ट रूम बनाए गए हैं। इसके अलावा ट्रकों की पार्किंग के लिए किसी प्रकार की कोई दिक्कत न आए, इसका भी खास ध्यान रखा गया है। ट्रक पार्किंग  मंगुवाल में बनाई गई है इसके अलावा और संभावनाएं देखी जा रही है। ट्रक चालकों के खाने के लिए एक कैंटीन बनाने का भी फैसला किया गया है, ताकि उन्हें खाने-पीने का सामन उचित दामों पर मुहैया करवाया जाए और उनके बैठने के लिए भी जगह मुहैया हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रकों का व्यवसाय बड़ा जोखिम भरा रहता है। ट्रक चालक को माल लेकर देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में आना जाना पड़ता है। कई बार उनकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु भी हो जाती है, इस पर उनके परिजनों को ट्रक यूनियन 30 हजार रुपए बतौर मुआवजा राशि देती है ,यूनियन मुआवजा राशि बढ़ाने व जीवन बीमा करवाने के बारे में भी गंभीरता से विचार करेगी। बताते चले कि नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन में करीब 10 हजार से ज्यादा ट्रक हैं।

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