डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए किन्नौर तैयार

रिकांगपिओ —आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से रिकांगपिओ में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर द्वारा  एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी नागरिक कल्पा मैजर अवनिंद्र कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला किन्नौर भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील है तथा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निश्चित रूप से करने चाहिए ,ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आपदा से बेहतर ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जिला में कार्यरत विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के संबंध में प्रशिक्षित करने की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षणों के आयोजन से जहां लोगों को आपदा के दौरान आपदाओं से निपटने के उपायों के बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारियां मिलती हंै, वहीं इस से जिला प्रशासन को भविष्य में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावशाली ढंग से निपटने में मदद मिलेगी। मेजर अवनिंद्र कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का कोई निर्धारित समय नहीं होता इसलिए हमे हर वक्त तैयार रहना चाहिए। सलाहकार राज्य आपदा प्रबंधन नवनीत यादव ने पूर्व में घटित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं तथा आपदा के दौरान प्रयोग में लाए गए संसाधनों की जानकारी को उपस्थित लोगों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप को पूरी तहर खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन सही समय पर उचित कदम उठाए जाएं, तो इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस कार्यशाला में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, पुलिस, होमगार्ड्स, टीएस नेगी राजकीय महाविद्यालय रिकांगपिओ, रेडक्रास, एचपीपीसीएल, जेएसडब्ल्यू, एनएसएस, वलांटियर्स तथा विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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