डीएवी अंबोटा में शिक्षकों को टिप्स

गगरेट—प्रदेश भर में कार्यरत डीएवी स्कूलों के शिक्षकों में शैक्षणिक प्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने के लिए डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल अंबोटा में शैक्षणिक विकास कार्यक्रम पर आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला सोमवार को विधिवत रूप से संपन्न हो गई। इस कार्यशाला में शिक्षकों को कई ऐसे क्रिया कलापों से अवगत करवाया गया जिससे शैक्षणिक गतिविधि में सुदार हो सके। कार्यशाला का तीसरा दिवस डीएवी अंबोटा की शिक्षिकाओं द्वारा गायत्री मंत्र के जाप से शुरू किया गया। इसके बाद डीएवी रैहन की शिक्षिकाओं द्वारा आवाज एवं हाव-भाव से कविता एवं कहानी कहने के मनोरंजक तरीकों से अवगत करवाया। उनके द्वारा दिलचस्प कविताओं को प्रस्तुत किया गया। डीएवी कुल्लू की शिक्षिकाओं द्वारा संज्ञात्मक विकास पर आधारित कई गतिविधियां दिखाई गईं जबकि डीएवी स्कूल नरवाणा की अध्यापिकाओं द्वारा मूल्य आधारित शिक्षा के संदर्भ में मूल्यवान विचार प्रस्तुत किए गए। मूल्य आधारित शिक्षा ऐसी शिक्षा है जो मनुष्य में से बुरे विचारों को निकाल कर अच्छे विचार भरती है। अध्यापिकाओं द्वारा भावुक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित गतिविधियां प्रस्तुत की गईं। डीएवी मनई की शिक्षिकाओं द्वारा मोटर कौशल पर आधारित प्रभावशाली गतिविधियां प्रस्तुत की गईं। डीएवी भरमौर की शिक्षिकाओं द्वारा वाचन कौशल के विकास पर आधारित कुछ गतिविधियां करवाई गईं। क्षेत्रीय अधिकारी पी. सोफत ने शिक्षकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि कक्षा में शैक्षणिक गतिविधियां ऊबाऊ नहीं होनी चाहिए बल्कि दिलचस्प व रोमांचित होनी चाहिए। इस अवसर पर कलस्टर हैड एचपी जोन कामना बेरी ने भी शिक्षकों को संबोंधित किया।

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