डीएवी यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी छात्रों को नौकरी

जालंधर -डीएवी विश्वविद्यालय से एमए साइकोलॉजी करने वाली आठ स्टूडेंट्स को सरकारी अस्पतालों और प्राइवेट रीहैबिलिटेशन सेंटर्स में काउंसलर की जॉब्स मिली हैं। ये स्टूडेंट्स लोगों को नशे से बचने के उपाय बताने के साथ ड्रग्स से ग्रस्त व्यक्तियों के पुनर्वास में भी मदद करेंगी। डीएवी विश्वविद्यालय में एमए साइकोलॉजी के पहले बैच की इन स्टूडेंट्स ने  2019 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त किए हैं। डीएवी विश्वविद्यालय में साइकोलॉजी विभाग की हैड डा. जसबीर ऋषि ने कहा कि इन छात्राओं के प्लेसमेंट के साथ डिपार्टमेंट ने सौ प्रतिशत प्लेसमेंट का रिकार्ड बनाया है। मनोविज्ञान विभाग की छह छात्राएं पहले ही नौकरी पा चुकी हैं। डा. ऋषि ने कहा कि ये स्टूडेंट्स पंजाब से नशीली दवाओं के उन्मूलन और पीडि़तों के पुनर्वास में मदद करेंगी। इन स्टूडेंट्स में से नैनदीप कौर और मानसी अरोड़ा को बोलस्टर ट्रीटमेंट एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर से नौकरी का प्रस्ताव मिला है, जबकि नवप्रीत और प्रभजोत कौर काउंसलर के रूप में एचएमवी में काम करेंगी। मानसी अरोड़ा, वंशु जैन, किरण शर्मा, तान्या और रूपाली को जालंधर और आसपास के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में आउट पेशेंट ओपियोड एडिक्ट ट्रीटमेंट सेंटरों में काउंसलर के रूप में काम करने के प्रस्ताव मिले हैं। छात्रों को बधाई देते हुए विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डा. देश बंधु गुप्ता ने कहा कि एमए मनोविज्ञान स्टूडेंट्स की नियुक्ति यूनिवर्सिटी में दी जाने वाली बेहतर शिक्षा का प्रमाण है।

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