डैम साइट पर बह रहे मवेशी

बरशैणी में एनएचपीसी की सुरक्षा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल,वीडियो वायरल

कुल्लू –देश के सात राज्यों को रोशन करने वाल एनएचपीसी के पावर प्रोजेक्ट की डैम साइटों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। जिससे यह डैम साइट जानलेवा साबित होने लगे हैं। जबकि एनएचपीसी प्रबंधन के अधिकारियों के बयान संवेदनहीनता दिखा रहे हैं। मणिकर्ण घाटी के बरशैणी में बने एनएचपीसी के डैम में सुरक्षा दीवार न होने के कारण पांच मवेशी बह गए हैं। इन मवेशियों को बचाने के लिए हालांकि स्थानीय लोगों ने एनएचपीसी के अधिकारियों को सूचना दी, परंतु एनएचपीसी के अधिकरियों की संवेदना नहीं जागी। लोगों ने मवेशियों के बहने का वीडियो बनाया है, जो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है और लोग एनएचपीसी प्रबंधन को इस घटना के लिए कोसते नजर आ रहे हैं। हालांकि यह घटना तीन दिन पुरानी बताई जा रही है परंतु जिस तरह से बरशैणी के इस डैम के चारों तरफ किसी भी तरह की सुरक्षा दीवार नहीं लगाई है। लोगों के लिए भी जानलेबा साबित हो सकती है। जानकारी के अनुसार बीते दो दिन पहले बरशैणी डैम किनारे सड़क में चर रही गउंए अचानक डैम में डूब गई। हालांकि लोगों ने भी इन्हें देखा, लेकिन डैम में जाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं से लोगों की हिम्मत डैम में जाने की नहीं पड़ी। लेकिन एनएचपीसी को सूचना दी, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचे।

स्थानीय पंचायत प्रधान बोले…..

बरशैणी पंचायत के प्रधान जयराम ठाकुर का कहना है कि पंचायत की ओर से एनएचपीसी प्रबंधन को इस डैम के किनारे में सुरक्षा दीवार, फैसिंग लगाने की मांग की गई थी। परंतु प्रबंधन ने इसे किसी भी सूरत में गंभीरता से नहीं लिया

क्या कहते हैं एनएचपीसी के अधिकारी

उधर, एनएचपीसी के मुख्य महाप्रबंधक आरके जसवाल का बयान सीधे तौर पर संवेदनहीनता को दर्शाता है। महाप्रबंधक का यह जबाव था कि एनएचपीसी इसके लिए क्या कर सकती है। गाय बह गई तो क्या हुआ। रहा फैसिंग का मामला मैं किसी कारण बाहर हूं, वापस आने के बाद इस बारे में कुछ कह सकता हूं।

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