ढोल-नगाड़ों की धुनों पर आयोजित नाटी के साथ कमांद मेले का समापन

आनी।  खंड की ग्राम पंचायत कमांद के तहत कमांद में दो दिवसीय शोंचा मेले का रविवार को विधवत समापन हुआ। परकोट की जोगणी और नारायण देवता चौकी के आगमन के साथ मेला शुरू हुआ था। बारिश के चलते भी लोगों के हुजूम में कमी नहीं आई। भारी संख्या में ग्राम पंचायत कमांदएकोहिलाएलझेरीएखणी व खनाग के लोग इस मेले में शामिल हुए। यह मेला हर एक वर्ष के बाद बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। रविवार शाम को रिमझिम बारिश में देवतागण अपने देवलुओं संग झूमते हुए नजर आए। लोगों ने देवताओं को भावभीनी विदाई दी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। इससे पूर्व स्थानीय लोगों ने पारंपरिक संस्कृति को कायम रखते हुए विशेष परिधानों में सजकर एक नाटी पेश की। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुनों पर आयोजित नाटी ने एकजुटता का संदेश दिया। समापन अवसर पर ग्राम पंचायत कमांद के उपप्रधान रमेश ने कहा कि इस तरह के पारंपरिक मेलों को संजोकर रखना हम सभी का दायित्व है। इस अवसर पर उनके साथ देवता के कारदार कर्म सिंह, सचिव बालकृष्ण समेत देवता के अन्य सदस्यगण मौजूद रहे।

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