थाली में ही छूट गया निवाला

सोलन —सोलन के कुमारहट्टी में हुआ दर्दनाक हादसा एक दर्जन से अधिक परिवारों को गहरे जख्म दे गया। मलबे के रूप में आया काल सेना के 13 जवानों सहित कुल 14 लोगों की जिंदगी लील गया। 15 जुलाई को जिस वक्त यह दुखद वाक्या पेश आया, उस समय डगशाई छावनी स्थित फॉर्थ असम रायफल के 30 जवान कुमारहट्टी के समीप सहज तंदूरी ढाबा में दोपहर का खाना खा रहे थे। कहा जा रहा है कि सभी जवान जेसीओ के पद पर प्रोमोट हो गए हुए थे। इसी खुशी को मनाने के लिए सभी ढाबा में पार्टी कर रहे थे। इसी बीच एक जोर का धमाका हुआ। ढाबे के अंदर सेना के जवानों सहित आम नागरिक जब तक कुछ समझ पाते, तब तक चार मंजिला बिल्डिंग मलबे के ढेर में तबदील हो चुकी थी। हादसे के बाद एकदम अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान राहत एवं बचाव कार्य भी आरंभ हो गया। इसमें असम, त्रिपुरा, हरियाणा, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, पंजाब आदि राज्यों के जवान शामिल हैं।

सोलन छोड़: कुम्मारहट्टी में बनाया मौत का घर

हादसे में काल के ग्रास का शिकार बनी ढाबा संचालक की पत्नि अर्चना की मौत से भी हर कोई स्तब्ध है। अर्चना अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गई। दिल झकझोर देने वाले इस हादसे में दोनों बेटों को अभी भी उम्मीद है कि उनकी मां लौट आएगी। ढाबा संचालक बलबीर सिंह उर्फ साहिल शर्मा, जिला शिमला के चौपाल क्षेत्र के बदलावग का रहने वाले हैं।   साहिल शर्मा को छोड़कर अन्य परिवार के सदस्य बीते कई वर्षों से सोलन के धोबीघाट में रहते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले ही साहिल ने जमींदोज हुई बिल्डिंग की सबसे निचली मंजिल पर अपना आशियाना बनाया और तब से पूरा परिवार वहीं रहता था।  

चौपाल कल्याण सभा गमगीन

इस दुखद हादसे के बाद हर कोई गमगीन है। उधर, चौपाल कल्याण सभा सोलन ने भी हादसे के शिकार हुए सभी लोगों  के प्रति अपनी संवदेना व्यक्त की और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। सभा के कुछ सदस्यों ने हादसे में हुई अर्चना की मौत के बाद उनके धोबीघाट स्थित घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।

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