धर्मपुर में लुड्डी-नागरिया नृत्य पर चर्चा

धर्मपुर—मांडव्य कला मंच मंडी और सरस्वती म्यूजिकल गु्रप बरोटी द्वारा रविवार को जिला के धर्मपुर में लोक संस्कृति के विभिन्न पहलुओं खासकर मंडी जनपद के लोक नृत्यों पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सरस्वती म्यूजिकल ग्रुप बरोटी और मांडव्य कला मंच के पदाधिकारियों व लोक कलाकारों ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए ग्राम पंचायत धर्मपुर के प्रधान ठाकुर दास ने कहा कि धर्मपुर में पहली बार दो संस्थाओं के संयुक्त तत्त्वावधान में लोक नृत्य पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करना सराहनीय है। उन्होंने कहा पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध के कारण लोक संस्कृति प्रभावित होकर दिन-प्रतिदिन लुप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि लोक गीतों और नृत्यों को बचाना आवश्यक है, ताकि सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी के लिए संभाल कर रखा जा सके व उसे विरासत के रूप में संभाला जा सके। कार्यशाला में मुख्य स्रोत व्यक्ति के रूप में मौजूद संस्कृति कर्मी, सहायक लोक संपर्क अधिकारी कुलदीप गुलेरिया ने जनपद के सभी क्षेत्रों के नृत्यों, ताल, गीतों और परिधान आदि के अलावा लुड्डी, नागरिया नृत्य, मंडयाली गिद्दा और बुढड़ा पर विस्तार से जानकारी दी। सरस्वती म्यूजिकल गु्रप बरोटी के मुख्य सलाहकार गोपाल सिंह व वरिष्ठ ग्रामीण लोक कलाकार सागर ने धर्मपुर क्षेत्र में लुप्त होने के कगार पर लोक नृत्य व चरकटी पर विस्तार से चर्चा करने के साथ-साथ मंचीय प्रदर्शन भी किया। सरस्वती म्यूजिकल गु्रप के प्रधान रोशन लाल ने मुख्यातिथि को शाल, टोपी पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया व मंच की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में तहसील कल्याण अधिकारी भोपाल शर्मा, पंचायत सदस्य अच्छर सिंह, मांडव्य कला मंच की मुख्य सलाहकार ललिता बांगिया, सचिव संजय कुमार, रवि, महिला मंडल प्रधान सुमन सहित अनेक संस्कृति व संगीत कर्मी मौजूद रहे।

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