नई ईको टूरिज्म साइट्स के चयन में फिर फंसा पेंच

शिमला – हिमाचल सरकार की संभावित नई ईको टूरिज्म साइट्स के चयन में फिर पेंच पड़ गया है। वन विभाग ने मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी को ही संभावित सूची से बाहर कर दिया है। इसके अलावा सोलन के घईधार में संभावित साइट का हवा-हवाई चयन कर लिया है। इसके चलते पीसीसीएफ अजय शर्मा ने संभावित साइट की फाइल को वापस लौटा कर सभी अफसरों को मौके पर जाकर संभावित स्थलों की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तलब की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वन विभाग को ईको टूरिज्म के तहत 25 जुलाई से पहले सभी साइट्स फाइनल कर विज्ञापित करने के निर्देश जारी किए थे। इसके चलते वन विभाग ने ईको टूरिज्म विंग से संभावित स्थलों की सूची तलब की थी। इस फेहरिस्त में प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश भर की 15 साइट्स की सूची तलब की गई थी। इस आधार पर सभी अरण्यपाल ने अपने-अपने जिलों की रिपोर्ट विभाग को भेजी है। चौंकाने वाली बात है कि संभावित 10 साइट्स में वन विभाग के अफसरों को मंडी जिला का कोई भी स्थल इको टूरिज्म के लायक नहीं दिखा है। इस पर पीसीसीएफ अजय शर्मा ने खासी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कहा है कि मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, सोलन तथा सिरमौर के अनछुए क्षेत्रों को संभावित सूची में शामिल किया जाए। इसके अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों में भी यह संभावना तलाशी जाए। सूचना के अनुसार सोलन जिला से आई रिपोर्ट में प्रस्तावित घईधार में पेयजल की सुविधा ही नहीं है। ऐसे में बिना जमीनी जांच के प्रस्तावित की गई साइट्स पर पीसीसीएफ ने नाराजगी जाहिर की है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए वन विभाग के मुखिया ने प्रदेश भर के सभी कंजरवेटर ऑफ फोरेस्ट को आदेश जारी किए हैं कि सभी साइट्स की मौके पर जाकर खुद पड़ताल करें। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के साथ अगले दो दिन में संभावित ईको टूरिज्म की साइट्स सरकार को भेजी जाए। इसके चलते 25 जुलाई तक प्रदेश की 10 नई ईको टूरिज्म साइट्स विज्ञापित की जा सकें। उल्लेखनीय है कि पिछले एक दशक से हिमाचल की सरकार ने ईको टूरिज्म के बढ़ावे के लिए ढोल बजा रही है। धूमल सरकार से लेकर पूर्व की वीरभद्र सरकार तक सभी ने ईको टूरिज्म को पंख लगाने के लिए खूब शोर मचाया है। बावजूद इसके हिमाचल के अनछुए पहलुओं को राज्य की सरकारें पर्यटन से नहीं जोड़ पाई हैं।

ईको टूरिज्म के लिए चयनित साइट्स

सर्किल    साइट                 एरिया

बिलासपुर चलेला (नयनादेवी)   एक हेक्टेयर

चंबा       लंगा (चंबा)           एक हेक्टेयर

धर्मशाला   करेरी (कांगड़ा)       एक हेक्टेयर

हमीरपुर    सिडचलेर (ऊना)     —

कुल्लू      कुलंग (कुल्लू)        एक हेक्टेयर

नाहन      भूरशिंग महादेव टेंपल एक हेक्टेयर

रामपुर     निचार (किन्नौर)      एक हेक्टेयर

शिमला    पोटरहिल्स             एक हेक्टेयर

सोलन     घई धार (सोलन)      एक हेक्टेयर

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