लाइसैंस न मिलने से आढ़ती खफा

नारकंडा में सरकार व विभाग से उठाई जल्द जारी करने की मांग

नारकंडा-सेब मंडी नारकंडा में सेब की आवत शुरू हो गई है निचले क्षेत्रों से टाइडमैन, स्पर सहित रॉयल सेब नारंकडा मंडी में पंहुच रहा है। लेकिन एचपीएसी एनओसी सहित सारी विभागीय औपचारिकताए पूरी करने के बाद भी नारकंडा के आढ़तियों को कृषि विभाग द्वारा आढत के लाइसैंस अभी तक जारी नही किये गये है। मंगलवार को नारकंडा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आढ़ती एसोसिएशन नारकंडा ने प्रदेश सरकार व विभाग से कुमारसैन और ठियोग में काम कर रहे सभी आढ़तियों को जल्द लाइसैंस जारी कर दिये जाए और नियमों के अनुसार काम कर रहे आढ़तियों को चैकिंग व कागजी कार्यवाही के नाम पर रोज परेशान ना किया जाए। आढ़ती एसोसिएशन नारकंडा के मुख्य सलाहकार लालचंद डोगरा व मुनीष मखैक ने कहा कि नारकंडा मंडी में काम कर रहे आढ़ती पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा एपीएसी फीस जमा करते है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष नारकंडा मंडी में लगभग तीन सौ करोड़ का कारोबार हुआ था और मंडी से लगभग 3 करोड़ रूपये की एपीएसी फीस जमा की गई थी। उन्होंने कहा कि दो दशकों से नियमों के अनुसार नारकंडा में कारोबार कर रहे आढ़तियों को विभागीय ओपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी इस वर्ष कृषि विभाग द्वारा लाइसैंस जारी नहीं किये गये है, जबकि सेब सीजन शुरू हो गया है और नारकंडा में सेब की आवक बढ गइ है। आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि ये सौतेला व्यवहार नारकंडा के साथ ही क्यों किया जा रहा है, जबकि विभाग द्वारा अन्य स्थानों पर आढतियों को लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन नारकंडा ऐसे आढ़तियों का बहिष्कार करेगी। इनके पास एपीएमसी की एनओसी नहीं होगी और जिनके खिलाफ  बागबान शिकायत करेंगे। वहीं प्रैसवार्ता में मौजूद आढ़ती दलीप कैंथला, अमर मेहता, सुरेश मेहता, अंशुल राणा सहित अन्य आढ़तियों ने कहा कि वो विभाग के सौतेले व्यवहार से दुखी है। जब पूरे प्रदेश में लाइसैंस के लिए आढ़तियों से एफडी नहीं ली जा रही तो नारकंडा के आढ़तियों से क्यों एफडी मांगी जा रही है, जबकि सभी आढ़ती नियमानुसार काम कर रहे है।

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