निवेश को आज शिमला आएगी जर्मन टीम

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर-परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक में एमओयू साइन होने की उम्मीद

 शिमला -हिमाचल प्रदेश में ट्रांसपोर्ट सेफ्टी को सुनिश्चित बनाने के लिए सरकार विदेशी कंपनियों की मदद लेगी। प्रदेश में परिवहन सुविधाओं को सुरक्षित बनाने के नजरिए से जर्मनी की एक टीम अपना प्रोपोजल लेकर सोमवार को शिमला आ रही है। जर्मनी की राइजन गु्रप ऑफ कंपनी के प्रतिनिधि अपने अध्यक्ष डा. सतीश बत्रा की अगवाई में आ रहे हैं। यह टीम सरकार को अपना प्रस्ताव देगी और उम्मीद है कि उनके साथ कोई बड़ा एमओयू होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इन प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे, इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रधान सचिव परिवहन जेसीशर्मा उनके प्रस्ताव को लेकर सरकार की ओर से चर्चा करेंगे। गौर हो कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली टीम जर्मनी गई थी, जहां पर राउंड टेबल कान्फ्रेंस के दौरान इस कंपनी के साथ भी बातचीत की गई थी। इससे साफ है कि विदेश में हिमाचल के प्रयास रंग लाने लगे हैं। विदेश से हिमाचल को यह पहला प्रस्ताव आ रहा है। इन कंपनियों को यहां पर इन्वेस्टर मीट के लिए न्योता दिया गया है, जोकि धर्मशाला में होगी, लेकिन उससे पहले यहां अंबानी की टीम आ चुकी है। वहीं दिल्ली की एक कंपनी के साथ भी एमओयू किया गया है। अब जर्मन की टीम आ रही है। इन कंपनियों के यहां आने से जहां निवेश बढ़ेगा, वहीं रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। यहां ट्रांसपोर्ट सेफ्टी को लेकर सरकार खासी गंभीर है और जर्मनी की तकनीक यहां पर आए तो इससे प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। यहां पर लगातार होती दुर्घटनाओं को रोकने की दृष्टि से सरकार रोड सेफ्टी पर काम करने की सोच रही है। जर्मन की कंपनी इस दिशा में क्या सुझाव देती है और उनके सुझावों पर सरकार आगे क्या करेगी, यह सोमवार को साफ होगा। इस तरह की कई कंपनियों को जर्मनी व नीदरलैंड के अलावा दुबई में भी हिमाचल आने का न्योता दिया गया है, जिनके साथ बातचीत का दौर आगे बढ़ेगा। परिवहन विभाग की ओर से यह पहली कंपनी यहां पर आ रही है, जिससे पहले रोप-वे को लेकर कुछ प्रस्ताव प्रदेश सरकार को मिल चुके हैं। निजी कंपनियों को रियायतें देने के लिए सरकार ने बहुत कुछ सोचा है, जिनको मूर्तरूप देने का समय धीरे-धीरे आ रहा है।

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