नेरचौक की गलियों में लग रही ठोकरें

नेरचौक—नगर परिषद नेरचौक की विभिन्न वार्डों की गलियों को रात के अंधेरे में दूधिया रोशनी से चकाचक करने को लेकर करीब 100 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना का धरातल पर उतरने से पहले ही दम निकल गया है। दो वर्ष पूर्व नगर परिषद नेरचौक द्वारा करीब 34 लाख रुपए की भारी भरकम राशि खर्च करने के बावजूद लगाए गए खंभों पर नगर परिषद एलईडी लगाना ही भूल गया। हैरानी की बात है कि नगर परिषद द्वारा आंखें बंद कर विद्युत बोर्ड को दिए टेंडर में खंभे गाड़ने के बाद उन पर एलईडी लाइट लगाने की बात करना ही भूल गया, वहीं विद्युत बोर्ड ने 34 लाख रुपए लेकर केवल खंभे खड़े कर के छोड़ दिए अब नगर की स्थानीय जनता यह समझ नहीं पा रही है कि आखिर शोपीस बन कर खड़े इन खंभों को किस मकसद से लगाया गया होगा। हालांकि इस संबंध में जनहित को ध्यान में रखकर नगर परिषद के विभिन्न वार्डों के कुछ सदस्यों ने नगर परिषद की अध्यक्ष की खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर बरती जा रही ढुलमुल नीति और नगर परिषद द्वारा खंभों की खरीद में बरती गई अनिमितताओं को लेकर गत वर्ष शहरी विकास मंत्री श्र्रवीण चौधरी के नेरचौक दौरे के दौरान पार्षद रजनीश सोनी सहित नगर परिषद के पार्षदों में सुमन चौधरी, मणि राम, राम किशन फौजी, अमरप्रीत कौर व सरस्वती ठाकुर ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था और मंत्री द्वारा दिए गए अश्वासन के बावजूद अभी तक शिकायत का कोई हल नहीं हो पाया है। हाल ही में फिर से पार्षद रजनीश सोनी ने शहरी विभाग निदेशक शिमला और मंडी जिला उपायुक्त  को लिखित में शिकायत की है कि शीघ्र -अति शीघ्र गत दो वर्ष से जंग खा रहे लोहे के खंभों पर एलईडी लाइट लगवाने के साथ नगर परिषद के अधिकारियों द्वारा इन खंभों की खरीद में बरती गई अनिमितताओं पर जांच बैठाने की मांग की है। वहीं, नगर परिषद नेरचौक की अध्यक्ष लता कुमारी ने बताया कि उनके अध्यक्ष पद पर बनने से पहले ही यह टेंडर प्रक्रिया हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही एलईडी लाइट लगाने को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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