पार्किंग की भारी समस्या से जूझ रहा पांवटा साहिब

पांवटा साहिब—प्रदेश का सीमांत नगर पांवटा साहिब पार्किंग की बड़ी समस्या से जूझ रहा है। पार्किंग की कोई बड़ी साइट विकसित न होने के कारण यहां पर एनएच किनारे और गलियों मंे हजारों वाहन अवैध रूप से पार्क होते हैं। यह वाहन चालकों की मजबूरी भी है, क्योंकि नगर परिषद पांवटा के पास अधिकृत तौर पर अभी सिर्फ 100 से 120 वाहनों की ही पार्किंग उपलब्ध है। ऐसे में यदि जल्द कोई उपाय न किए गए तो आने वाले समय में यह समस्या विकराल हो सकती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक वैसे तो पांवटा साहिब आरएलए कार्यालय के तहत अभी तक कुल 58 हजार के करीब वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर लोगों के घरों में अपनी पार्किंग की सुविधा है। इन रजिस्टर्ड 57697 वाहनों में सबसे अधिक दोपहिया वाहन 40986 हैं। इसके बाद मोटर कार 9674 और गुड्स कैरियर 3980 है। कमर्शियल ट्रैक्टर 1850, बसें 272 और एग्रीकल्चर ट्रैक्टर 270 हैं। इसके अतिरिक्त प्राइवेट व्हीकल्स की संख्या 301 है। यह आंकड़ा मार्च माह तक का है। हालांकि दिन भर में अपने कार्य के लिए रोजाना पांच से छह हजार वाहन नगर में निकलते हैं जो पार्किंग के अभाव में सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं। इससे अकसर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अतिरिक्त सीमांत नगर होने के कारण बाहरी राज्यों उत्तराखंड और हरियाणा होते हुए रोजाना औसतन कम से कम तीन से चार हजार छोटे-बड़े वाहन पांवटा नगर मंे पहुंचते हैं, लेकिन यदि पार्किंग की स्थिति देखी जाए तो बड़ी ही दयनीय है। नगर परिषद के पास इस समय सिर्फ पुलिस मैदान के समक्ष एक पार्किंग ग्राउंड है जिसमंे केवल मात्र 100 से 120 गाडि़यां एक समय में खड़ी का जा सकती है। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि रोजाना कितनी गाडि़यां सड़कों के किनारे खड़ी होकर नगर की व्यवस्था को किस प्रकार बदहाल कर रही है। इससे पुलिस को भी व्यवस्था बनाए रखने मंे दिक्कतें पेश आती हैं।

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