पुलिस भर्ती में रोड़ा बनी गेट-वे

नेटवर्किंग डिवाइस में फंसी एडमिशन फीस से युवा परेशान

हमीरपुर—प्रदेश में चल रही पुलिस भर्ती में गेट-वे डिवाइस भर्ती होने के चाहवान युवकों की राह में रोड़ा बन गई है। कुछ युवाओं द्वारा इस नेटवर्किंग डिवाइस से भरी गई एडमिशन फीस का पैसा पुलिस डिपार्टमेंट के पास न पहुंचने से उन्हें भर्ती से वंचित होना पड़ रहा है। ऐसे में युवा या तो मायूस होकर घर लौट रहे हैं या फिर ट्रिब्यूनल की शरण में जा रहे हैं। अभी तक मंडी में तीन और हमीरपुर में दो ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि मंडी के जिन तीन युवकों की एडमिशन फीस गेट-वे में फंस गई थी उन्हें ट्रिब्यूनल ने पूरा मैटर जानने के बाद राहत देते हुए उस जिले की भर्ती में शामिल होने के निर्देश दिए जहां अभी भर्ती होनी है। मंडी के इन तीनों युवकों को हमीरपुर में हुई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिला है। गुरुवार को हमीरपुर में भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई तो दो ऐसे ही युवकों का मामला सामने आया। जिनके कागजात भी सही थे उन्होंने एडमिशन फीस भी जमा करवाई थी लेकिन पुलिस डिपार्टमेंट के पास पैसा नहीं पहुंच पाने के कारण उनका नाम लिस्ट में न होने से वे भर्ती में शामिल नहीं हो पाए। इन युवाओं का कहना है कि जब उन्होंने डिवाइस के थ्रू फीस जमा करवाई थी तो बकायदा एडमिट कार्ड निकला था लेकिन जब वे भर्ती होने के लिए मैदान में गए थे पुलिस की लिस्ट में उनका नाम नहीं था। साइबर एक्सपर्ट की मानें तो कई बार ऐसा हो जाता लेकिन वो पैसा दोबारा संबंधित व्यक्ति के खाते में आ जाता है। अब सवाल यह है कि जो थोड़े से अवेयर हैं वे तो पूछताछ कर ट्रिब्यूनल तक पहुंच गए हैं लेकिन न जाने ऐसे कितने और युवा होंगे जिन्होंने लिस्ट में नाम न आने के बाद चुप्पी साध ली होगी। बता दें कि प्रदेशभर में 1068 पदों के लिए पुलिस में भर्ती की प्रक्रिया जिलावार चली हुई है। कुछ जिलों में ार्ती हो चुकी है जबकि कइयों में अभी होनी है। हमीरपुर जिले में 88 पदों के लिए लगभग 5500 युवा और युवतियों ने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया।

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